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महाविद्यालय देवप्रयाग में “युवा भारत का भविष्य” विषय पर कार्यशाला एवं राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

admin
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देवप्रयाग: राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की तरफ से युवा भारत का भविष्य विषय पर कार्यशाला एवं राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 अशोक कुमार मेंदोला ने अपने संबोधन में कहा इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को ये बताना है कि जिस तरह से स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन में सफलता हासिल की, ठीक उसी तरह उनके विचारों को अपनाकर युवा पीढ़ी भी सफलता हासिल करे। सत्य है कि अगर युवा जागृत एवं चेतन होंगे तो फिर उनका भविष्य कभी भी अंधकारमयी नहीं हो सकता। बल्कि वह प्रातः कालीन सुबह की भांति उज्जवल ही होगा। आज का भारत युवा भारत है।

डॉ0 एम एल नौरियाल ने अपने संबोधन में कहा की विवेकानंद भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व के लिए ऊर्जा के स्रोत हैं। उनका निरंतर प्रगतिशील जीवन मानव को सतत विकास के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सिद्ध किया कि यदि वह मानव के अंदर इच्छाशक्ति हो तो आध्यात्मिक अथवा भौतिक किसी भी प्रकार की कोई वस्तु अपर्याप्त नहीं रह सकती।

वीरेंद्र दत्त बिजवान ने छात्र-छात्राओं को बताया कि विवेकानंद के जीवन से हमें संघर्ष और अथक प्रयत्न सीखने को मिलता है। उनके जीवन से एक सच्चा विद्यार्थी यह शिक्षा ग्रहण कर सकता है कि ज्ञान के अभाव में व्यक्ति का व्यक्तित्व विकास नहीं हो सकता।

इस अवसर पर आस्था, रुचि मिश्रा, राधिका, सोनम, स्वाति, तनिका, अंकिता, यस टी रोहित, संदीप, अरविंद आदि स्वयंसेवी उपस्थित रहे।


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