प्रकरण में 350 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की हेरा-फेरी का अनुमान
देहरादून। साइबर अपराधियों द्वारा पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि विभिन्न ई-वॉलेट (पेटीएम/रोजर पे ) के माध्यम से प्राप्त कर विभिन्न बैंक खातों में जमा कराकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है ।
08 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत
उत्तराखंड पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर पूरे राज्य में पावर बैंक के नाम से धोखाधड़ी की प्राप्त शिकायतों में 08 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया । अभियोगों की विवेचना में अब तक 30 बैक खाते व एसटीएफ ने सभी संबंधित बैंक प्रबंधकों और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच के लिए पहले ही पत्र जारी कर दिया है।
उत्तराखंड से अभी तक 2 अभियुक्त गिरफ्तार
अभी तक 12 अभियुक्त प्रकाश में आये हैं। जिनमें 02 अभियुक्त गिरफ्तार, 6 अभियुक्तों के विरुद्ध वारंट बी, 1 अभियुक्त के विरुद्ध गैर जमानती वारंट, 2 अभियुक्त के विरुद्ध 41 दण्ड प्रक्रिया संहिता का नोटिस और 1 अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु इन्टरपोल से सम्पर्क किया गया है । पूर्व में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने मामलों के सभी निष्कर्षों को संबंधित राज्य पुलिस प्रमुखों के साथ साझा किया था।
देश में पावर बैंक सम्बन्धी करीब *239 अभियोग, 25 की गिरफ्तारी
उक्त प्रकार के अपराधों के पूरे देश से आंकड़े एकत्रित किये गये तो पावर बैंक सम्बन्धी पूरे देश में करीब *239 अभियोग विभिन्न राज्यों* (8 उत्तराखंड+178 तेलंगाना+19 पश्चिम बंगाल+13 उत्तर प्रदेश+5 हरियाणा+4 तमिलनाडु+3 कनार्टका+2 छत्तीसगढ़+2 महाराष्ट्र+2 उडीसा+1 बिहार+1 चण्डीगढ़+1 दिल्ली) में पंजीकृत कराये गये हैं। जिसमें पूरे देशभर में करीब 25 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है ।
प्रकरण काफी गंभीर एवं इसमे विदेशी नागरिकों/कंपनियों के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजेंसियों CBI, IB, ED व सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक व राजस्व खुफिया निदेशालय आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है ।
प्रकरण में 350 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की हेरा-फेरी का अनुमान
ऐसे ही एक प्रकरण में करोड़ों रुपयों के ट्रांजेक्शन के दृष्टिगत ED द्वारा इस सम्बन्ध में *Cryptocurrency Exchanger को नोटिस (2700 crore)* प्रेषित किया गया है । साथ ही, अन्य क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजर्स के खिलाफ रिपोर्ट आगे की गहन पूछताछ के लिए प्रस्तुत की गई। प्रकरण में 350 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की हेरा-फेरी होने का अनुमान है व करीब 06 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में विभिन्न राज्य पुलिस द्वारा फ्रीज कराया गया है।
लेनदेन में RAZORPAY & Paytm Wallet/Gateway का प्रयोग
अभियोग में विवेचना के दौरान पाया कि आरोपियो द्वारा धनराशि के लेनदेन हेतु अधिकांशतः RAZORPAY & Paytm Wallet/Gateway का प्रयोग किया गया । उक्त सम्बन्ध में टीम द्वारा RAZORPAY & Paytm Gateway से सम्पर्क कर करोड़ों की धोखाधड़ी में RAZORPAY/ Paytm Gateway का उपयोग होना तथा आरोपियों के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी । उनके प्रतिनिधि को बुलाकर देहरादून में पूछताछ की गई।
13 कंपनियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत
इस क्रम में RAZORPAY के legal Head के द्वारा 01 जून 2021 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बैंगलोर में पावर बैंक से संबंधित कंपनियों के निदेशकों सहित 13 कंपनियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया । वर्तमान में प्रचलित अन्य कई संदिग्ध एप के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त हुयी है जो इसी प्रकार के अवैध कार्यो मे लिप्त हैं।
दिल्ली/गुरुग्राम/नोएडा निवासी 20 चार्टेड अकाउंटेंट संदिग्ध
उल्लेखनीय है कि 2020 में कोरोना संकट के समय कुछ चीनी लोगों द्वारा पावर बैंक एप्प के माध्यम से धनराशि दोगुना करने का लालच पावर बैंक एप्प के माध्यम से धोखाधड़ी की गई जिसमें दिल्ली/गुरुग्राम/नोएडा निवासी 20 चार्टेड अकाउंटेंट के द्वारा चीनी नागरिकों के सम्पर्क में आकर फर्जी Shell Companies खोलकर अपराध करने की संदिग्धता प्रकाश में आयी है। जिनकी सूची भारत सरकार के Indian Cyber Crime coordination Centre को जाँचोपरान्त कार्यवाही हेतु प्रेषित की गयी है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी
उत्तराखंड एसटीएफ अन्य सभी राज्यों के लिए नए ऐप और नए तौर-तरीकों को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है तथा और भी ऐसे एप्स को चिन्हित करके उनके विरोध पूरे देश में अलर्ट जारी करेगा, जहां नकली वेबसाइट / ऐप सामान बेच रहे हैं और लोगों को धोखा दे रहे हैं ।




