आप पेंशनधारक हैं तो इस बात से रहें सावधान

Govind Pundir
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चमोली। आप पेंशनधारक है तो इस बात से सावधान रहने की जरूरत है। आजकल साइबर अपराधियों पेंशन धारकों को ‘‘जीवन प्रमाण पत्र’’ ऑनलाइन अपडेट करने के लिए फर्जी कॉल किए जा रहे है। उनके पास पेंशन धारकों का पूरा डेटा जैसे नियुक्ति व सेवानिवृत्ति की तिथि, पीपीओ नंबर, आधार कार्ड संख्या, स्थायी पता, ईमेल आईडी, सेवानिवृत्त पर प्राप्त राशि, मासिक पेंशन, नॉमिनी आदि की जानकारी रहती है। 

साइबर अपराधी पेंशनधारकों को कॉल कर उन्हें पहले ये सब जानकारी देते है। ताकि पेंशन धारक को लगे कि वे पेंशन निदेशालय से है। वे पेंशन धारकों का पूरा डेटा बताते हुए उनको ‘‘जीवन प्रमाण पत्र’’ अपडेट करने हेतु ओटीपी साझा करने के लिए कहते है। एक बार जब पेंशन धारक फोन पर आए हुए ओटीपी को साझा कर देते है तो, जालसाजों को पेंशन धारक के बैंक खाते का डायरेक्ट एक्सेस कन्ट्रोल मिल जाता है और वे पेंशन धारक के खाते में जमा धनराशि को तुरंत दूसरे फर्जी बैंक खातों या वॉलेट में स्थानांतरित कर देते है।

मुख्य कोषाधिकारी डा0 तंजीम अली ने बताया कि पेंशन निदेशालय कभी भी किसी पेंशन धारक को उनका जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल नहीं करता है और ना ही जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपडेट करता है। 

पेंशन धारक को स्वयं अपने जीवन प्रमाण पत्र को व्यक्तिगत रूप से पेंशन निदेशालय में जाकर अपडेट कराना चाहिए। उन्होंने पेंशन धारकों को जागरूक करते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी कॉलों से बचे व साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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