रायवाला, हरिद्वार। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे गढ़वाली माटी के अनमोल रत्न राम कथा मर्मज्ञ श्री राम कथा के सरस प्रवक्ता पूज्य शांति प्रसाद (मानस प्रेमी ) का उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 28 दिसम्बर को हृदय गति रुक जाने से गोलोक धाम गमन हो गया है। अंतिम प्रवचन भी जीवन और मृत्यु पर केंद्रित रहा ,मानो उन्हें आहट मिल गई हो।
उन्होंने 7 वर्ष की अवस्था में रामचरितमानस को कंठस्थ याद कर लिया था और अपने मधुर स्वर में गायन करते थे। पहाड़ी माटी और पहाड़ी भाषा से असीम लगाव होने के कारण उनके प्रवचनों में प्रकृति प्रेम साफ झलकता था।
नृसिंह भक्ति संस्थान के सदस्यों ने दी श्रद्धांजलि
श्री राम कथा के अनूठे प्रवक्ता पूज्य शांति प्रसाद (मानस प्रेमी ) के चरणों में शत शत- नमन करते हुए नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला हरिद्वार के परमाध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज के सानिध्य में नृसिंह भक्ति संस्थान के सदस्यों ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है।




