हादसा: लैंडस्लाइड में धंसा आर्मी कैंप, 13 जवानों के शव बरामद, 40 से अधिक लापता, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ मौके पर

Garhninad Desk
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मणिपुर। लगातार भारी बारिश की वजह से बुधवार रात भूस्खलन की चपेट में आने से टेरिटोरियल आर्मी के कई जवान इसकी चपेट में आ गए। यह घटना तुपुल रेलवे स्टेशन के पास हुई है। अब तक 13 लोगों के शव बरामद किए गए हैं जबकि 45 से अधिक लोग लापता हैं। रेलवे के अनुसार अब तक 19 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। वहीं बड़े पैमाने पर मलबे गिरने के कारण इजेई नदी अवरुद्ध हो गई है, जिससे एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है।

जानकारी के मुताबिक जिरीबाम को इंफाल से जोड़ने के लिए एक रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था जिसकी सुरक्षा के लिए 107  टेरिटोरियल आर्मी के जवानों को तैनात किया गया था। बुधवार रात को वहां पर भारी भूस्खलन हुआ। जिसमें कई जवान दब गए। गुरुवार सुबह सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस की ओर से बड़े पैमान पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसमें साइट पर उपलब्ध इंजीनियरिंग उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर जानकारी देते हुए लिखा, “मणिपुर में तुपुल रेलवे स्टेशन के पास भूस्खलन के मद्देनजर मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। बचाव कार्य जोरों पर है। एनडीआरएफ की एक टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्यों में शामिल हो गई।”

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भूस्खलन की स्थिति का जायजा लेने के लिए तुपुल का दौरा किया और कहा कि ” मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे स्थिति का आकलन करने के लिए बुलाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।” 

मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। घायलों की मदद के लिए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर रवाना हो गई।

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