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बैकुंठ चतुर्दशी पर शनिवार होने से यंत्रों की सिद्धि के लिए अद्भुत संयोग

Garhninad Desk
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देहरादून 20 नवंबर। इस बार बैकुंठ चतुर्दशी 25 नवंबर को आ रही है,उस दिन शनिवार भी होने से यंत्रों की सिद्धि के लिए अद्भुत संयोग बन रहा है ।

मुख्यमंत्री द्वारा” उत्तराखंड ज्योतिष रत्न ” एवं “ज्योतिष वैज्ञानिक” की उपाधि से सम्मानित आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल” दैवज्ञ “बताते हैं, कि 25 नवंबर को सुबह से त्रयोदशी तिथि रहेगी और शाम को 5:25 से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी इस प्रकार दो महत्वपूर्ण तिथियों का संयोग और साथ में शनिवार होने से मन्त्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करने के लिए बहुत सुंदर समय है।

आचार्य दैवज्ञ बताते हैं, कि जिन लड़के और लड़कियों का विवाह नहीं हो पा रहा है, अथवा रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है, तथा जिन दंपति को संतान की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, जिन व्यापारियों का व्यापार ठीक नहीं चल रहा है और सर्विस वालों का प्रमोशन आदि रुका हुआ है, अथवा कोई विवाद चल रहा है, इसके अतिरिक्त जीवन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो उन लोगों के लिए वह मन्त्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित करके” सिद्ध यंत्र” तैयार करेंगे जिससे लोगों को सभी प्रकार की सफलता प्राप्त होगी, उन्होंने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में मारकेश चल रहा है अथवा रोगों से परेशान हो रहे हैं उनके लिए भी उस दिन यंत्र सिद्ध किए जाएंगे, इसके लिए लोगों को समय पर संपर्क करना चाहिए।

स्मरणीय है, कि डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल मन्त्रों एवं यंत्रों के विशेषज्ञ के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, उनके द्वारा सिद्ध किए हुए यंत्रों की बदौलत कई लोग फर्श से अर्श पर पहुंच चुके हैं,इसलिए उनके दरबार में हस्तरेखा एवं कुंडली दिखाकर उपचार कराने वाले लोगों की लंबी लाइन रहती है।


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