शिव महापुराण की कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है-  रसिक महाराज

Garhninad Desk
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देहरादून। देहरादून क्लेमेनटाउन पोस्ट आफिस कालोनी गली नंबर पांच नवदुर्गा मंदिर में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन व्यासपीठ पर विराजमान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि वैदिक हिन्दू सनातन धर्म एक स्वच्छ वैज्ञानिक धर्म है।  भगवान शिव की महिमा का व्याख्यान करते कहा कि कहा कि शिव पुराण की कथा आह्वान करते अपने जीवन को सुखमय करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि माता सती भगवान शिव के मना करने पर भी प्रजापति दक्ष के यज्ञ में पहुंची। बिना बुलाए अपने पिता के घर गईं। अपमान का सामना न करते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शिव पुराण की कथा हमें उपदेश देती है कि जीवन साथी व अपने गुरु पर विश्वास व श्रद्धा होनी जरूरी है। बिन बुलाए मेहमान व बिना परिवार की आज्ञा से कहीं पर भी जाना शुभ नहीं होता। 

कथा व्यास ने कहा कि शिव पुराण की कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि हमें भगवान शिव की भक्ति उनकी गाथाओं का श्रवण करना चाहिए, ताकि हमारा मानस जन्म सुखमय बन सके। इस अवसर पर रमेश  जैदली,  विनोद राय,श्रीमती ऊषा रावत , माँ देवेश्वरी, भाजपा नेत्री मंजू कोटनाला, सम्पूर्णानन्द मुण्डेपी,पं सच्चिदानंद कुण्डलिया, ऊषा कुण्डलिया, गुड्डी खन्तवाल,संगीतकार रवि जोशी, गोल्डी नौटियाल एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।

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