Ad image

वंदे मातरम गीत में बसती है भारत की आत्मा: डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल

Govind Pundir
2 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

देहरादून। वंदे मातरम गीत में भारत की आत्मा बसती है और उसके प्राण संस्कृत में बसते हैं, इसीलिए इस गीत को संस्कृत भाषा में गाया गया है ।

उपरोक्त विचार सहायक निदेशक शिक्षा संस्कृत शिक्षा डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किए वह आज संविधान दिवस पर देहरादून के आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय से जनपद के संस्कृत शिक्षा के प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यालयो एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ,शिक्षकों , प्रोफेसरो एवं कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे, उन्होंने कहा कि देवभूमि भारत की गाथा देव वाणी संस्कृत में ही सही ढंग एवं भाव से गाई जा सकती है।

भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय ठीक 9:30 बजे महाविद्यालय के मंच पर पहुंचे सहायक निदेशक डॉ घिल्डियाल ने सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का आवाहन किया कि सिर्फ आज ही नहीं रोज ही यदि इस गीत को गाया जाता है,तो उससे हमारे नौनिहालों में राष्ट्रीय कर्तव्य एवं राष्ट्रीय सेवा भावना का भाव जागृत होगा।

प्रसिद्ध समाजसेवी एवं संस्कृतज्ञ आचार्य अन्नपूर्णा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने देश के मशहूर साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना आनंद मठ की इन पंक्तियों को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सुर ताल सहित गाने का आदेश जारी करके बहुत बड़े राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वहन किया है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ दीपशिखा ने स्वयं कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक निदेशक एवं समाजसेवी का स्वागत करते हुए कहां कि आज उनके स्वयं यहां पर इस कार्यक्रम में उपस्थित होने से और इस महाविद्यालय को माध्यम बनाकर पूरे जनपद के विद्यालयों को संबोधित करने से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रति भविष्य में बहुत बड़ी जागृति आएगी।

इस अवसर पर महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के सभी प्राचार्यों , शिक्षकों , प्रोफेसरों कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओ ने प्रतिभाग किया।


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!