आशा ममगाईं के गढ़वाली कथा-संग्रह ‘कल्यो’ का लोकार्पण कल देहरादून में

Govind Pundir
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(लोकेंद्र जोशी की रिपोर्ट)

टिहरी गढ़वाल, 10 जनवरी 2026। गढ़वाली बोली की उभरती लेखिका श्रीमती आशा ममगाईं के गढ़वाली कथा-संग्रह ‘कल्यो’ का लोकार्पण रविवार, 11 जनवरी को देहरादून स्थित कुकरेजा इंस्टीट्यूट, गणेश विहार, अजबपुर खुर्द में आयोजित किया जाएगा।
श्रीमती आशा ममगाईं, प्रसिद्ध आयकर अधिवक्ता श्री विमल ममगाईं की धर्मपत्नी हैं तथा मूल रूप से ग्राम भटवाड़ा (खोला) की निवासी हैं। वे सुप्रसिद्ध समाजसेवी स्व. विद्या दत्त ममगाईं की पुत्रवधू हैं। मायके पक्ष से उनका संबंध ग्राम भिगुन, पट्टी थाती कठूड़ से है। उनके पिता श्री गणेश राम नौटियाल ग्राम प्रधान रहने के साथ-साथ क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं, जबकि उनके दादा श्रद्धेय गंगा प्रसाद नौटियाल क्षेत्र के ख्यातिलब्ध व्यक्तित्व थे। परिवार के अन्य सदस्य भी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
गढ़वाल की सांस्कृतिक परंपराओं में पली-बढ़ी आशा ममगाईं गढ़वाली बोली की संवेदनशील लेखिका हैं। उनका एक लघु शोध कार्य पूर्व में प्रकाशित हो चुका है। कथा-संग्रह ‘कल्यो’ के माध्यम से उन्होंने गढ़वाली समाज, लोकजीवन और संवेदनाओं को साहित्यिक अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया है।
आयोजकों ने सभी साहित्य प्रेमियों एवं गढ़वाली भाषा-संस्कृति से जुड़े लोगों से कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील की है।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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