स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता को नई दिशा: प्रतापनगर में 190 कार्यकत्रियां प्रशिक्षित

खाद्य, पोषण और स्वच्छता पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न
टिहरी गढ़वाल। विकासखंड प्रतापनगर के ब्लॉक सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रभावी समापन हुआ। खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे संवेदनशील विषयों पर केंद्रित इस प्रशिक्षण में 190 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम की कोर्स निदेशक डॉ. कीर्ति कुमारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव की ठोस पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में इतना सक्षम बनाना है कि वे अपने गांवों में जागरूकता की मजबूत कड़ी बन सकें।
उन्होंने बताया कि जिले के नौ विकासखंडों से प्रत्येक ब्लॉक से दो सुपरवाइजर और दो आईपीआरपी का चयन कर कुल 36 महिलाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर अब अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व करते हुए समुदाय स्तर पर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और निगरानी का कार्य संभालेंगी।
डॉ. कीर्ति कुमारी ने यह भी बताया कि जनपद में आयरन लड्डू और आंवला कैंडी वितरण परियोजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पोषण समर्थन दिया जा रहा है, जिससे एनीमिया की रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान संतुलित आहार, कुपोषण की पहचान, स्वच्छता व्यवहार, मातृ एवं शिशु देखभाल तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा और व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए।
इस पहल से न केवल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जागरूकता का नया अध्याय भी शुरू होगा।



