मजदूर हितों को लेकर सीटू ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, एक दिवसीय हड़ताल का समर्थन

टिहरी गढ़वाल 12 फरवरी 2026। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के आह्वान पर जनपद टिहरी गढ़वाल में मजदूर संगठनों द्वारा एक दिवसीय हड़ताल आयोजित की गई। इस दौरान सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) जिला कमेटी टिहरी गढ़वाल ने विभिन्न श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया।
सीटू जिला कमेटी ने ज्ञापन में कहा कि श्रमिक वर्ग के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार संरक्षण को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। संगठन ने मांग की कि 44 श्रम कानूनों के स्थान पर लागू की गई चार श्रम संहिताओं तथा 12 घंटे कार्य अवधि संबंधी आदेश को निरस्त किया जाए।
ज्ञापन में न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह घोषित करने, न्यूनतम वेतन बोर्ड एवं कर्मचारी भविष्य निधि बोर्ड में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई। साथ ही नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर जोर दिया गया।
सार्वजनिक प्रतिष्ठानों—बैंक, बीमा, रक्षा, पोस्टल, रेलवे सहित सार्वजनिक क्षेत्र के औद्योगिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों के हित में एमएसपी पर कानून बनाने, बिजली बिल वापस लेने तथा स्मार्ट मीटर योजना निरस्त करने की मांग की गई।
महिला कर्मियों—आंगनवाड़ी, भोजनमाता एवं आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर ₹26,000 न्यूनतम वेतन तथा सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी व पेंशन देने की मांग की गई। संविदा कर्मियों को नियमित करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया।
ग्राम प्रहरी को न्यूनतम मानदेय एवं 60 वर्ष की आयु के बाद सामाजिक सुरक्षा देने, निजी स्कूलों के शिक्षकों को सरकारी मानकों के अनुरूप वेतन दिलाने, मनरेगा के स्थान पर प्रस्तावित बिल को निरस्त करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने तथा विभिन्न विधेयकों व अधिनियमों को वापस लेने की मांगें भी ज्ञापन में शामिल रहीं।
संगठन ने टिहरी बांध विद्युत परियोजना एवं ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कार्यरत श्रमिकों पर श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला सचिव चिंतामणि थपलियाल, राजेश चमोली, जगदम्बी बडोनी , श्रीपाल चौहान सहित अन्य कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन ने महामहिम राष्ट्रपति से श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।



