नंदा की छैली मैदान में ‘सहकारिता मेला’ : पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म पर विशेष फोकस

टिहरी गढ़वाल 25 फरवरी 2026। संयुक्त राष्ट्र महासंघ द्वारा वर्ष-2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में जनपद टिहरी में सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग टिहरी एवं टिहरी गढ़वाल जिला सहकारी बैंक के संयुक्त तत्वावधान में बादशाहीथौल स्थित नंदा की छैली (बंगाचली) खेल मैदान में 20 से 26 फरवरी 2026 तक एक सप्ताह का ‘सहकारिता मेला’ आयोजित किया जा रहा है। मेले की थीम “पर्यावरण संरक्षण एवं ईको टूरिज्म” रखी गई है।
मेले के चौथे दिन की शुरुआत प्रातः 8 बजे स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामूहिक योगाभ्यास के साथ हुई। कार्यक्रम में विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद रतूड़ी, वरिष्ठ सहकार द्वारा की गई।
इस अवसर पर सुभाष रमोला (निवर्तमान अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक), उदय रावत (वरिष्ठ सहकार) सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत जिला सहायक निबंधक नरेन्द्रपाल सिंह चौहान, अपर जिला सहकारी अधिकारी आनंद सिंह, लक्ष्मण सिंह युटोला, उपमहाप्रबंधक चिराग विष्ट एवं भूपेन्द्र सिंह ने किया।
मेले में लगाए गए विभागीय स्टॉलों पर स्वास्थ्य सेवाएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 62 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि होम्योपैथिक विभाग, बौराड़ी (नई टिहरी) द्वारा 110 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया।
सांस्कृतिक संध्या में रोहित चौहान, अंजली खरे एवं सूरज शाह ने जौनसारी, कुमाऊनी और गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
बैंक एवं उससे संबद्ध बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 71 लाभार्थियों—जिनमें व्यक्तिगत किसान एवं स्वयं सहायता समूह शामिल हैं—को कुल 73 लाख रुपये के ऋण चेक वितरित किए गए।
इसके अतिरिक्त पेंटिंग एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एल.सी.एम. ब्राइट स्कॉलर्स एकेडमी के छात्र-छात्राओं एवं संबंधित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जिला सहायक निबंधक नरेन्द्रपाल सिंह चौहान एवं जिला सहकारी बैंक टिहरी के सचिव/महाप्रबंधक राहुल गैरोला ने बताया कि सहकारिता मेले का सफल संचालन सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से किया जा रहा है तथा इसका उद्देश्य सहकारिता की भावना को सशक्त बनाना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।



