सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाम में आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

टिहरी गढ़वाल, 23 फरवरी 2026। जिलाधिकारी महोदया, टिहरी गढ़वाल के निर्देशों के क्रम में तथा अपर जिलाधिकारी एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी के आदेशानुसार जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), टिहरी गढ़वाल द्वारा जनपद के विभिन्न संस्थानों में आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं लाइफ सेफ्टी आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज दिनांक 23 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छाम, जनपद टिहरी गढ़वाल में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण/त्वरित राहत-बचाव कार्य संबंधी प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में DDMA टिहरी के मास्टर ट्रेनर श्री अनिल सकलानी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य केंद्र के कार्मिकों को क्षेत्र में संभावित एवं विद्यमान प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी दी गई। साथ ही आपदा के प्रकार, आपदा से पूर्व की तैयारी, आपदा के दौरान की सावधानियां तथा आपदा के पश्चात की कार्यवाही के विषय में विस्तार से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बेसिक रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी, सुरक्षित गांठें (नॉट्स) बांधने की विधि, आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, इंप्रोवाइज्ड स्ट्रेचर बनाना, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, अग्नि सुरक्षा उपाय, जंगली जानवरों से बचाव तथा बाढ़ सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त जनपद एवं राज्य स्तरीय आपातकालीन टोल फ्री नंबरों की जानकारी तथा संस्थान परिसर के सुरक्षित स्थानों एवं निकासी मार्गों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को ‘भू देव एप’ के बारे में जानकारी देते हुए उसे डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि आपदा की स्थिति में समय पर सूचना एवं सहायता प्राप्त की जा सके।
कार्यक्रम में विकासखंड की आशा कार्यकर्त्रियां, सम्मानित ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख छाम, खंड विकास अधिकारी के प्रतिनिधि, पूर्व ब्लॉक प्रमुख छाम, जिला पंचायत सदस्य छाम तथा स्वास्थ्य केंद्र के कुल 88 कार्मिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख, पूर्व ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य एवं चिकित्सा अधिकारी छाम द्वारा भी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति सजग रहने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण की क्षमता को सुदृढ़ करना तथा जनसामान्य को आपात परिस्थितियों में आत्मनिर्भर एवं सजग बनाना


