संतोष से बढ़कर कोई धन नहीं: नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज 

Govind Pundir
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देहरादून 1 फरवरी । श्री रघुनाथ मंदिर क्लेमनटाउन में मां ज्वाल्पा देवी कीर्तन मण्डली द्वारा आयोजित श्री देवी भागवत कथा एवं आशीर्वाद कवच महायज्ञ के आठवें दिन व्यासपीठ पर विराजमान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने मां जगदम्बा के 108 शक्ति पीठों का वर्णन करते हुए कहा कि कृतज्ञता पात्रता लाती है और पात्रता से ही प्राप्ति होती है। हमें ईश्वर से जो कुछ भी प्राप्त हुआ है उसके लिए उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए यह आपमें श्रद्धा, विश्वास, विनम्रता का गुण पैदा करती है ।

रसिक महाराज ने कहा कि प्रायः जो कुछ हम ईश्वर से मांगते है ईश्वर समय आने पर वो सब कुछ हमे प्रदान कर देते हैं किंतु हमारे मन की दुविधा या कहे विकृति ऐसी है कि हमारा ध्यान उस प्राप्ति की और नहीं जाता बल्कि नई मांग की रटन प्रारंभ हो जाती है उसके लिए रुदन प्रारंभ हो जाता है । यदि यथार्थ में हम देखें और डायरी में अपने रोज के विचार अनुभव अपनी मांग इच्छाएं आदि के बारे में लिखें और समय समय पर उसके पन्ने पीछे पलट कर देखें तो पाएंगे कि ईश्वर ने हमे वो सब कुछ दे दिया है जो कभी हमने गिड़गिड़ाकर मांगा था ।लेकिन हमने ईश्वर का धन्यवाद देना तो दूर अपनी नई मांगों को लेकर अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है ।

उन्होंने कहा कि स्वयं ही विचार करो कि यदि ईश्वर की जगह आप होते तो क्या करते ? स्वाभाविक है या तो स्मरण कराते की तुम्हारी मांगों को पूरा कर दिया गया है और यदि ज्यादा ही रोना धोना हुआ, तो हो सकता है उसे वापस भी लेने का विचार बना ले । क्योंकि प्राप्त होने पर जिसे प्राप्त हुआ है वो उसे अपनी योग्यता समझ लेता है उसमें ईश्वर की कृपा का दर्शन नहीं करता।यह भावना ही अहंकार का सृजन करती है और अहंकार विनाश का । इसलिए हमें कृतज्ञ होना चाहिए। जो कृतज्ञ होता है प्राप्त के प्रति आभारी होता है उसे  ही स्वाभाविक रूप से और देने का मन दाता का होता है । और जो असंतुष्ट और अकृतज्ञ होता है उससे छीन लेने का मन करता है । यही कारण है कि कई लोग योग्य होते हुए भी प्राप्ति से दूर रहते है । क्योंकि उनमें विनम्रता के स्थान पर अहंकार होता है । इसलिए पात्रता नहीं आ पाती । और पात्रता से ही प्राप्ति होती है। इसलिए विनम्र रहें, आभारी रहें जो कुछ मिला है उसके प्रति कृतज्ञ रहे । संतोष से बढ़कर कोई धन नहीं ।

आज कथा में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, साध्वी मां देवेश्वरी, भाजपा महानगर मंत्री श्रीमती पूनम ममगाईं, श्रीमती अंजू ध्यानी, रमाबल्लभ भट्ट, स्वामी दर्शन भारती, पूर्व राज्यमंत्री डी एस रावत  एवं बड़ी संख्या में सनातनी भक्त उपस्थित रहे ।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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