सिंचाई व लोनिवि के पेंशनरों की पेंशन रोकने पर आक्रोश, शासनादेश निरस्त करने की मांग

टिहरी गढ़वाल 10 मार्च। सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यप्रभारित से नियमित हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन व पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाए जाने के शासनादेश को लेकर पेंशनरों में नाराजगी बढ़ गई है। पूर्व कर्मचारी नेता योगेन्द्र सिंह नेगी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश को निरस्त करने और पेंशन बहाल करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 2 सितंबर 2019 को दिए गए निर्णय के आधार पर राज्य सरकार ने 4 फरवरी 2020 के शासनादेश के तहत वर्कचार्ज सेवा को जोड़ते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ दिया था, जो लगातार जारी था। लेकिन 16 जनवरी 2026 को जारी नए शासनादेश के माध्यम से अचानक पेंशन भुगतान पर रोक लगा दी गई।
नेगी ने कहा कि 24 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शेष कर्मचारियों को भी पिछली सेवा जोड़कर पेंशन देने का निर्णय लिया गया था, जिसकी जानकारी भी सचिव स्तर से सार्वजनिक की गई थी। इसके बावजूद इसके विपरीत आदेश जारी कर पहले से पेंशन पा रहे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनधारकों की पेंशन भी रोक दी गई, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।
उन्होंने बताया कि शासनादेश में 2023 में दिए गए एक अन्य न्यायिक निर्णय को आधार बनाया गया है, जबकि 2019 में आए निर्णय को तीन न्यायाधीशों की पीठ ने दिया था, जो अधिक प्रभावी माना जाता है। इस तथ्य की अनदेखी किए जाने से सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है।
नेगी के अनुसार, कई पेंशनरों को नैनीताल उच्च न्यायालय से शासनादेश पर स्थगनादेश भी मिल चुका है, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में 16 जनवरी 2026 के शासनादेश को निरस्त कर वर्कचार्ज से नियमित हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है।



