मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में अनियमितताओं का आरोप, कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने दिखाई आरटीआई की प्रतियां

भाजपा पदाधिकारियों को लाखों की मदद, जरूरतमंदों को केवल औपचारिक सहायता – हरक सिंह रावत
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के वितरण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि कोष का उपयोग वास्तविक जरूरतमंदों की मदद के बजाय राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।
सोमवार को देहरादून स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. रावत ने आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेज मीडिया के सामने सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि कई मामलों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों और उनके करीबियों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से लाखों रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रूप से चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में भाजपा से जुड़े लोगों को दो से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी गई है, जबकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र दो से पांच हजार रुपये की सहायता देकर औपचारिकता पूरी की गई।
डॉ. रावत ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना नाम के भी लाखों रुपये का भुगतान किया गया है और जानकारी मांगने पर इसे व्यक्तिगत सूचना बताकर सार्वजनिक करने से बचने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि इन दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो यह मामला उत्तराखंड के इतिहास के बड़े वित्तीय घोटालों में से एक साबित हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से वितरित की गई सभी आर्थिक सहायता की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य संकटग्रस्त और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करना होता है, लेकिन यदि इसका उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है तो यह जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, लालचंद शर्मा, शीशपाल सिंह बिष्ट, विनोद चौहान और दिनेश कौशल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो पार्टी इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में भी उठाएगी।



