लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन, स्वामी रामदेव और रोंजन सिंह सोढ़ी रहे मौजूद

हरिद्वार/पुणे । उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल के तहत पुणे जिले के दौंड तालुका के बोरीबेल में लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र डॉ. राहुल वी. कराड द्वारा अपनी पूजनीय माता उर्मिला वी. कराड की स्मृति में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य अनुभवात्मक और मूल्य आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को प्रकृति, समाज और अपने आंतरिक स्व से जोड़कर उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन समारोह में आध्यात्मिक गुरु Swami Ramdev और अंतरराष्ट्रीय ट्रैप शूटर Ronjan Sodhi विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने की।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने वीडियो संदेश के माध्यम से पहल की सराहना की। वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वर्चुअली कार्यक्रम में भाग लिया।
अपने संदेश में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज के युवाओं को प्रतिस्पर्धा और डिजिटल विचलनों के बीच जीवन के मूल्यों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को प्रकृति, कृषि और आध्यात्म से जोड़कर जिम्मेदार और आत्मविश्वासी नागरिक बनाने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की संत परंपरा और समाज सुधारकों की विरासत से प्रेरित यह केंद्र छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करेगा।
स्वामी रामदेव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें चरित्र, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी समावेश होना चाहिए।
डॉ. राहुल कराड ने बताया कि यह केंद्र पांच प्रमुख स्तंभों—कृषि और प्रकृति, शारीरिक फिटनेस और खेल, टीम बिल्डिंग और नेतृत्व, देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण तथा आध्यात्म और शांति—पर आधारित है। इसका उद्देश्य युवाओं में मूल्य आधारित शिक्षा, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना है।
उन्होंने कहा कि सादगी और सजग जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए केंद्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से दूर रहकर न्यूनतावाद को अपनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
प्रकृति आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और मूल्य आधारित शिक्षण को एकीकृत करते हुए यह केंद्र उच्च शिक्षा में एक नया मॉडल प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



