टिहरी गढ़वाल। टिहरी । उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को सोलहवें दिन भी जारी रही। शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित 27 सूत्रीय मांगों के समाधान न होने के विरोध में 23 मार्च 2026 से चल रहे आंदोलन के तहत महासंघ शाखा टिहरी के सदस्यों ने लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन, टिहरी के सामने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
हड़ताल के कारण आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा है। जल संस्थान और पेयजल निगम के इंजीनियर भी आंदोलन में शामिल रहे, जिससे पेयजल से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हुईं। इसके अलावा चारधाम यात्रा की तैयारियां, हॉट मिक्स कार्य, सेतु निर्माण तथा अन्य निर्माण परियोजनाएं भी ठप होने लगी हैं।
आंदोलन के दौरान शासन-प्रशासन के विरोध में महासंघ द्वारा निरीक्षण भवन परिसर में “बुद्धि-शुद्धि यज्ञ” का आयोजन किया गया। महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जिला पंचायत सदस्य संगठन टिहरी गढ़वाल तथा ठेकेदार एसोसिएशन नई टिहरी ने भी समर्थन पत्र सौंपा।
हड़ताल के सोलहवें दिन कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. त्रयम्बक गैरोला ने की, जबकि संचालन इं. नीतू चौहान ने किया। इस दौरान महासंघ के सचिव प्रोन्नत इं. सतीश भट्ट, मंडल उपाध्यक्ष विपिन डोभाल, जनपद अध्यक्ष इं. भूपेंद्र रावत, जनपद सचिव इं. राजेंद्र सोढ़ी, शाखा अध्यक्ष इं. जे.पी. भट्ट, शाखा सचिव इं. आशीष मित्तल सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
महासंघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगति दूर करना, 10-16-26 वर्ष सेवा पर पदोन्नत वेतनमान, 2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को प्रथम एसीपी में ग्रेड पे 5400, पेयजल निगम व जल संस्थान का राजकीय एकीकरण, सहायक अभियंताओं के लिए समानांतर पदोन्नति व्यवस्था, पुरानी पेंशन बहाली, ऊर्जा निगमों में प्रोन्नति सीमा बढ़ाना, इंजीनियरिंग ढांचे का पुनर्गठन तथा स्थानांतरण अधिनियम-2017 में संशोधन शामिल हैं।
महासंघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




