उत्तरकाशी, 18 अप्रैल 2026। चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत 19 अप्रैल को होने जा रही है। इसी के तहत यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने से एक दिन पहले जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देते हुए यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और यात्री सुविधाओं की व्यापक समीक्षा की।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम के लगभग 5 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर रेलिंग मरम्मत, रेन शेल्टर, पेयजल, बिजली, चिकित्सा, साइन बोर्ड, सफाई और शौचालय व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने वैकल्पिक पैदल मार्ग का भी निरीक्षण कर अधिक भीड़ या आकस्मिक स्थिति में उसके उपयोग की तैयारियों को परखा। मंदिर परिसर के समीप चेंजिंग रूम सहित अन्य सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
जानकीचट्टी और पड़ावों पर विशेष व्यवस्था
जानकीचट्टी में जिलाधिकारी ने घोड़ा-खच्चर पड़ाव, प्रीपेड काउंटर, रोटेशन व्यवस्था तथा भीड़ नियंत्रण के इंतजामों की समीक्षा की। घोड़ों के लिए बनाए गए स्थानों पर गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुलभ इंटरनेशनल और जिला पंचायत को सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। मार्ग में कूड़ा निस्तारण, डस्टबिन और शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
माँ गंगा की उत्सव डोली भक्ति भाव के साथ अग्रसर
इधर, माँ गंगा की पवित्र डोली मुखवा से जयकारों के बीच प्रस्थान कर कोपांग पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद डोली को भैरोघाटी के लिए रवाना किया गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भक्ति भाव से सराबोर यात्रा मार्ग में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
कल मुख्यमंत्री करेंगे गंगोत्री धाम में दर्शन
प्राप्त कार्यक्रमानुसार पुष्कर सिंह धामी 19 अप्रैल को जनपद भ्रमण पर रहेंगे। वे सुबह देहरादून से प्रस्थान कर नेलांग पहुंचेंगे और इसके बाद दोपहर 12 बजे गंगोत्री धाम पहुंचकर कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर पर दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के पश्चात वे पुनः नेलांग होते हुए देहरादून लौटेंगे।
चारधाम यात्रा की शुरुआत को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग, सफाई और यातायात सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।




