टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से तेजी से बढ़ते पलायन और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को देखते हुए “अपनी गणना अपने गाँव” अभियान ने व्यापक जनजागरण की शुरुआत की है। अभियान के मुख्य संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने प्रदेशवासियों, विशेषकर प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की है कि वे फरवरी 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान अपने पैतृक गाँव में उपस्थित होकर अपनी गणना वहीं कराएँ।
श्री बिष्ट ने न्यू टिहरी प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं की तलाश में हो रहे पलायन के कारण गाँवों की जनसंख्या लगातार घट रही है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों का सामाजिक ढांचा कमजोर हो रहा है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो गाँवों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
श्री बिष्ट के अनुसार, जनसंख्या में गिरावट का सीधा असर राजनीतिक प्रतिनिधित्व और विकास बजट पर पड़ता है। परिसीमन के चलते विधानसभा और पंचायत स्तर पर प्रतिनिधित्व कम होने का खतरा बढ़ जाता है। एक विधानसभा क्षेत्र समाप्त होने पर लगभग 200 करोड़ रुपये वार्षिक विकास बजट का नुकसान हो सकता है। वहीं, जनसंख्या घटने से पंचायतों को मिलने वाले फंड और योजनाओं में भी कटौती तय है। बिष्ट का अनुमान है कि 2027 की जनगणना के बाद राज्य में करीब 1000 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इसके साथ ही क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों की संख्या में भी कमी आ सकती है।
श्री जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि “अपनी गणना अपने गाँव” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गाँवों के अस्तित्व, सम्मान और विकास को बचाने का प्रयास है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लोक कलाकारों, कथा वाचकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, प्रवासी संगठनों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है।
उन्होंने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि संकट के समय प्रवासी लोग अपने गाँव लौटे और वहीं सुरक्षित महसूस किया। आज वही गाँव अपने अस्तित्व को बचाने के लिए पुकार रहे हैं।
पत्रकार वार्ता में भाजपा नेत्री श्रीमती सुषमा उनियाल, पूर्व प्रमुख जगदंबा रतूड़ी, पूर्व प्रमुख और अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य सुनीता देवी, मीडिया प्रभारी राजेन्द्र डोभाल और महामंत्री बलवंत रावत आदि मौजूद रहे।
अभियान का संदेश स्पष्ट है—“अपनी माटी, अपनी पहचान—जनगणना अपने गाँव में कराएँ, गाँव को मजबूत और खुशहाल बनाएँ।”




