देहरादून। देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान में 11 मई 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस बड़े उत्साह और वैज्ञानिक जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन तक वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारियों को सरल माध्यमों से पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे संस्थान की प्रभारी निदेशक श्रीमती ऋचा मिश्रा (आईएफएस) द्वारा किया गया। उन्होंने विभिन्न प्रभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और वैज्ञानिकों के शोध कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज हित में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रदर्शनी में संस्थान के सभी प्रभागों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने अपने नवीनतम शोध और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। खास आकर्षण एक विशेष प्रकार की लकड़ी की टाइल रही, जो पानी से सुरक्षित, मजबूत और देखने में पत्थर व धातु जैसी प्रतीत होती है। इसके अलावा पेड़ों को बीमारियों से बचाने, विभिन्न मौसमों में उनकी बेहतर वृद्धि सुनिश्चित करने, बांस उत्पादन की उन्नत तकनीकों तथा गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री से जुड़े नवाचारों को भी प्रदर्शित किया गया।वन संरक्षण प्रभाग द्वारा तीन नई फफूंद प्रजातियां—Calonectria populi, Calonectria caudovesiculata और Trichoderma frianum—भी प्रदर्शित की गईं, जो वानिकी अनुसंधान में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही हैं। साथ ही औद्योगिक प्रदूषण मापन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान विभिन्न प्रभागों द्वारा तैयार पेम्पलेट, ब्रोशर और पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं, ताकि आमजन को संस्थान के कार्यों की विस्तृत जानकारी मिल सके। विशेष बात यह रही कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर संस्थान के सभी संग्रहालय आम जनता के लिए निःशुल्क खोले गए।कार्यक्रम ने न केवल वैज्ञानिक नवाचारों को सामने रखा, बल्कि समाज में विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया।




