टिहरी गढ़वाल। विधानसभा क्षेत्र घनसाली की ग्राम सभा रौसाल में वर्ष 2013 की आपदा के बाद से ध्वस्त पड़ी सिंचाई नहर के कारण ग्रामीणों की उपजाऊ कृषि भूमि बंजर होती जा रही है। ग्राम प्रधान कृष्ण गोविंद कंसवाल ने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को पत्र भेजकर सिंचाई नहर (गूल) के पुनर्निर्माण और जलविद्युत परियोजना के साथ हुए अनुबंध पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्राम प्रधान कंसवाल ने बताया कि वर्ष 2013 की भीषण आपदा में ग्राम सभा रौसाल की सिंचाई नहर पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। इसके बाद से पिछले 13 वर्षों से गांव की कई एकड़ कृषि भूमि सिंचाई के अभाव में बंजर पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से पहले गांव की खेती ग्रामीणों के जीवनयापन का प्रमुख आधार थी और क्षेत्र हरियाली से भरा रहता था।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2004 में ग्राम सभा रौसाल, सारुण, फैलेंडा और बहेल्डा क्षेत्र में 23.50 मेगावाट स्वास्ति पावर प्रोजेक्ट का निर्माण किया गया, जो वर्तमान में ग्रीनको पावर प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रहा है। परियोजना निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने अपने हक-हकूक को लेकर विरोध भी किया था और कई ग्रामीणों को जेल तक जाना पड़ा था। बाद में क्षेत्रीय विकास और जनहित को देखते हुए ग्रामीण परियोजना के लिए सहमत हुए।
ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के बीच हुए अनुबंध में यह तय किया गया था कि परियोजना क्षेत्र की कृषि भूमि के लिए वर्षभर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक आपदा से नहर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में परियोजना द्वारा उसकी मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था बहाल की जाएगी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहर का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया।
ग्राम प्रधान कृष्ण गोविंद कंसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना द्वारा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन 19 वर्षों में गांव के एक भी बेरोजगार को रोजगार नहीं मिला। इसके अलावा सीएसआर मद से गांव में कोई विकास कार्य भी नहीं कराया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सिंचाई विभाग के माध्यम से ग्राम सभा रौसाल की सिंचाई नहर का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि गांव की बंजर कृषि भूमि फिर से उपजाऊ बन सके और ग्रामीण खेती-किसानी से जुड़ सकें। साथ ही परियोजना और ग्रामीणों के बीच हुए अनुबंध की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए जाएं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक Shakti Lal Shah द्वारा भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई मंत्री को पत्र भेजा जा चुका है।



