ऋषिकेश 20 जून । श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के पं. ल. मो. शर्मा परिसर, ऋषिकेश के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क योग शिविर के छठे दिन प्राणायाम, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक विशेष सत्र आयोजित किया गया। शिविर के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने कहा कि वर्तमान समय योग ही न केवल सम्पूर्ण स्वास्थ्य का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है, अपितु हानि रहित विधा है।
उन्होंने कहा कि यदि योग को केवल व्यायाम के रूप में न देखकर जीवनशैली के रूप में अपनाया जाए तो यह व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों स्तरों पर सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज समाज को केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ लोगों की नहीं बल्कि मानसिक रूप से संतुलित, संवेदनशील और सकारात्मक सोच रखने वाले नागरिकों की आवश्यकता है, और योग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सत्र में योग शिक्षिका सुरभि एवं अंजलि ने प्रतिभागियों को कपालभाति, नाड़ी शोधन, भ्रामरी एवं उज्जायी प्राणायाम का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रत्येक प्राणायाम की विधि, अवधि, सावधानियों तथा स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित प्राणायाम से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, रक्त संचार बेहतर होता है तथा मानसिक तनाव में कमी आती है।
इस अवसर पर संकायध्यक्ष प्रो. पी.के सिंह, योग समन्वयक प्रो. वी. के. गुप्ता, विभागाध्यक्ष डा. जयप्रकाश कंसवाल, डा. चंदरेश्वरी नेगी एवं प्रतिभागियों में अंकित सोनी, मुकेश, सोहेब, मंदिरा, अंकित, केशव, सुषमा, मान्या, सुरभि, अरविन्द सिंह, ईशान सिंह, तनूजा, सलोनी, राजन, अमन, सृष्टि आर्य, ईशा सहित अनेक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।




