टिहरी गढ़वाल, 27 जून। रामगांव की गोचर भूमि की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में चल रहे पैतृक भूमि संरक्षण समिति के धरने का आज पांचवां दिन रहा। धरने में समिति के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में नीलामी का विरोध करते हुए इसे ग्रामीणों के हितों के खिलाफ बताया।
समिति के अध्यक्ष नत्थी सिंह कैंतुरा ने बताया कि आगामी 29 जून को ढोल-दमाऊं के साथ देवताओं का आह्वान कर गोचर भूमि की रक्षा के लिए पारंपरिक तरीके से जनआंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
पूर्व कनिष्ठ प्रमुख थौलधार कुलदीप सिंह पंवार ने कहा कि जिस गोचर भूमि की नीलामी की जा रही है, वह वर्षों से ग्रामीणों की आजीविका का आधार रही है। इसी भूमि से पशुओं के लिए चारा, घास, जलाऊ लकड़ी तथा अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक लकड़ी प्राप्त होती है। इसके अलावा यह भूमि वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार से नीलामी का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों की जमीन सुरक्षित रह सके। साथ ही स्थानीय अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए प्रभावी संवैधानिक संरक्षण की भी मांग उठाई गई। सभी ने कहा कि जब तक नीलामी का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
धरने में विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख थौलधार कुलदीप सिंह पंवार, अत्तर सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य शेषपाल राणा, प्रधान संगठन अध्यक्ष युद्धवीर रावत, समिति अध्यक्ष नत्थी सिंह कैंतुरा, ग्राम प्रधान सरस्वती देवी (सेलूर), ग्राम प्रधान मीनाक्षी कैंतुरा, ग्राम प्रधान गंभीर सिंह नेगी (बोर), प्रधान प्रभुलाल डोवाल (हड़की), प्रधान महावीर चौहान (टला उप्पू), क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रेपन सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य ब्रह्मपाल राणावत (डाबरी), प्रधान अभिषेक कठहैत (डांग), प्रधान रॉबिन राणा (जौलंगी), पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीत राम भट्ट, गढ़वाल भवन कर्मी कॉन्सर्ट के पूर्व अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भाजपा मंडल महामंत्री दिनेश भंडारी ने किया।




