(गजा से डी.पी. उनियाल)
टिहरी गढ़वाल 13 जून । विकासखंड चंबा की धार अकरिया पट्टी अंतर्गत ग्राम पंचायत माणदा के तोली डांडा सौड़ गांव के करीब 35 परिवार आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग और वन विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के कारण वर्ष 2014 में प्रस्तावित सड़क आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई है।
ग्रामीणों ने वर्ष 2014 में गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर को सौंपा था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक एवं वर्तमान कैबिनेट मंत्री Subodh Uniyal ने गांव तक छह किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को संयुक्त स्थलीय सर्वे कर वन भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पूरी करने को कहा गया।
दोनों विभागों ने गजा-दुवाकोटी मोटर मार्ग से आगे प्रस्तावित गजा-तोली डांडा सौड़ सड़क का कई बार सर्वेक्षण भी किया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद सड़क को अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी। ग्राम प्रधान भगवानी देवी ने बताया कि पिछले कई वर्षों में चार से पांच बार सर्वे हो चुके हैं, फिर भी परियोजना फाइलों में ही अटकी हुई है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि तोली डांडा सौड़ को सड़क से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यह क्षेत्र नगर पंचायत गजा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित छह किलोमीटर सड़क में करीब डेढ़ से दो किलोमीटर वन भूमि आने के कारण प्रक्रिया लंबित है।
ग्रामीण आनंद सिंह खाती, रघुबीर सिंह खाती, नीरज सिंह और महिताब सिंह ने बताया कि क्षेत्र बागवानी, नगदी फसलों, सब्जी उत्पादन और होम-स्टे पर्यटन की दृष्टि से काफी संभावनाशील है। सड़क न होने से किसानों को उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। वहीं बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने और शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के दौरान भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने शासन और संबंधित विभागों से शीघ्र वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि वर्षों से सड़क की बाट जोह रहे परिवारों को राहत मिल सके।





