जनता से बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान
टिहरी गढ़वाल 29 जुलाई। टिहरी के लिए पूर्व घोषित मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र ले जाने की चर्चाओं ने अब तूल पकड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना टिहरी जिला मुख्यालय में ही किए जाने की मांग को लेकर सामाजिक, व्यापारिक एवं नागरिक संगठनों ने एकजुट होकर ‘टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति’ का गठन किया है। समिति ने 31 जुलाई को जिला कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। साथ ही जिले की जनता से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होकर टिहरी की इस मांग को मजबूती देने की अपील की गई है।
बुधवार को नई टिहरी स्थित सुमन पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि टिहरी के लिए मेडिकल कॉलेज की पूर्व में घोषणा की जा चुकी है। ऐसे में इसे अन्यत्र ले जाने की चर्चाएं क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज टिहरी के लिए केवल एक स्वास्थ्य संस्थान नहीं, बल्कि पूरे जिले के विकास और बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
‘मेडिकल कॉलेज’ के लिए अंतिम सांस तक लडूंगा : डॉ. गोदियाल
संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल ने कहा कि टिहरी के लिए पूर्व घोषित मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र ले जाने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा इसके लिए वह अंतिम सांस तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन विशेष का नहीं, बल्कि पूरे टिहरी जिले की जनता के हितों का संघर्ष है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले के लोगों को बेहतर एवं उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही जनपद में मिल सकेंगी। इसके साथ ही रोजगार, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने जनता से 31 जुलाई को जिला कार्यालय के बाहर होने वाले विशाल प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
‘टिहरी वासियों ने बांध के लिए अपना घर-बार डुबोया, अब जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज लेकर रहेंगे ’ : मोहन सिंह रावत
नगर पालिका टिहरी के अध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के संरक्षक मोहन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी बांध के लिए टिहरी के लोगों ने बड़ी कुर्बानी दी है। लोगों ने अपना घर-बार, जमीन-जायदाद तक डुबोई और देश-प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया। ऐसे में कम से कम जिला मुख्यालय पर एक मेडिकल कॉलेज होना समय की जरूरत है, जिसका लाभ पूरे जिले की जनता को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लचर है। अस्पतालों में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेडिकल कॉलेज बनने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार हो सकता है और गंभीर मरीजों को उपचार के लिए देहरादून अथवा अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की मजबूरी कम होगी।
मोहन सिंह रावत ने कहा कि टिहरीवासियों ने विकास के लिए बहुत कुछ खोया है, इसलिए अब जिला मुख्यालय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र ले जाने के बजाय टिहरी में ही इसकी स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर गठित ‘टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति’ में डॉ. राकेश भूषण गोदियाल को संयोजक, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत को संरक्षक, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत को सह संयोजक तथा नरोत्तम जखमोला को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
संघर्ष समिति ने 31 जुलाई को जिला कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया है। समिति ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
प्रेस वार्ता में डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत, नागरिक मंच से कमल सिंह महर, शिवराज सिंह सजवाण, गंगा भगत सिंह नेगी, डॉ. उम्मेद सिंह नेगी, देवेंद्र नौडियाल, नवीन सेमवाल, लखवीर चौहान, राहुल बुटोला, मनोज चमोली, संदीप रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।





