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किसानों की समस्याओं के अनुरूप तय हों प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम : कुलपति

Govind Pundir
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वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषि एवं उद्यान क्षेत्र को लेकर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझा

टिहरी गढ़वाल 29 जुलाई। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) रानीचौरी में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं वानिकी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग कर क्षेत्र की कृषि समस्याओं और उनके समाधान पर मंथन किया।
विश्वविद्यालय के सह निदेशक शोध प्रो. अमोल वशिष्ठ ने अतिथियों एवं प्रगतिशील किसानों का स्वागत किया। उन्होंने केवीके की गतिविधियों की सराहना करते हुए आगामी वर्ष में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों की स्थानीय समस्याओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप आयोजित करने पर जोर दिया।
केवीके रानीचौरी के प्रभारी अधिकारी डॉ. आलोक येवले ने केंद्र की वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट तथा वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने कृषि एवं उद्यान क्षेत्र को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए।
औद्यानिकी महाविद्यालय भरसार के अधिष्ठाता प्रो. ए.के. जोशी ने किसानों को फसलों में रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग उनके समूह के अनुसार बदल-बदलकर करने की सलाह दी। उन्होंने अदरक की फसल के प्रकंद सितंबर माह में कल्ले सहित निकालने का सुझाव दिया, ताकि किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल सके।
निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण ने उद्यान किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिकों द्वारा खेतों का नियमित भ्रमण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वानिकी महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक प्रक्षेत्रों में निरंतर भ्रमण कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देंगे।
आईसीएआर-अटारी, लुधियाना की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रीति ममगाईं ने अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों के तहत सब्जी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने खाद्यान्न फसलों में नई तकनीकों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवड़ाड़ी ने कृषि विज्ञान केंद्र में नई तकनीकों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित करने का सुझाव देते हुए विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में प्रतिभाग करते हुए गोट वैली एवं चारा फसलों के लिए वैकल्पिक योजनाओं में तकनीकी सहयोग की आवश्यकता बताई।
जिला उद्यान अधिकारी पंकज पटवाल ने विभागीय कर्मचारियों के लिए तकनीकी ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में गतिविधियों में और सुधार तथा किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में प्रगतिशील किसानों देवेंद्र सिंह चौहान, सीता चौहान, रीता नेगी, शिवशरण डोभाल एवं उदय सिंह तड़ियाल ने कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याएं समिति के समक्ष रखीं और वैज्ञानिकों से उनके समाधान के लिए तकनीकी मार्गदर्शन मांगा।
इस अवसर पर डॉ. कीर्ति कुमारी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. सुमित चौधरी, डॉ. अरुणिमा पालीवाल, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. राजेंद्र सिंह बाली सहित कृषि विज्ञान केंद्र एवं वानिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिक, सहायक प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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