• जून 2026 तक 7.10 करोड़ मोबाइल यूज़र, करीब 40% बाजार हिस्सेदारी
• 38 लाख से ज्यादा घर और कारोबारी परिसर जियोफाइबर और जियो एयरफाइबर से जुड़े
मेरठ, 31 अगस्त, 2026: रिलायंस जियो ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के टेलीकॉम बाजार में एक दशक से भी कम समय में 7 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूज़र जोड़ लिए हैं। जियो ने 5 सितंबर 2016 को कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था। पहले ही महीने यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट सर्विस एरिया में उसके 17.4 लाख मोबाइल यूज़र हो गए थे। ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 7.10 करोड़ पहुंच गई। बताते चलें कि यूपी वेस्ट सर्विस एरिया में उत्तर प्रदेश पश्चिम व उत्तराखंड शामिल है।
जियो यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट, दोनों सर्विस एरिया में अलग-अलग भी नंबर वन है और दोनों को मिलाकर भी सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर है। जून 2026 में यूपी ईस्ट में उसके 4.48 करोड़ और यूपी वेस्ट में 2.62 करोड़ मोबाइल यूज़र थे। दोनों क्षेत्रों के कुल 17.85 करोड़ वायरलेस मोबाइल कनेक्शन में जियो की हिस्सेदारी करीब 39.8 फीसदी थी। जुलाई में भी जियो ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और उसका संयुक्त ग्राहक आधार बढ़कर करीब 7.13 करोड़ हो गया।
जियो की बढ़त केवल मोबाइल तक सीमित नहीं रही। कंपनी के मुताबिक यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट में 38 लाख से ज्यादा घर और कारोबारी परिसर जियोफाइबर और जियो एयरफाइबर से जुड़े हैं। इनमें करीब 19 लाख कनेक्शन यूपी ईस्ट और 19 लाख से ज्यादा यूपी वेस्ट में हैं।
जियो के दस साल का असर केवल यूपी-उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। जून 2026 तक देशभर में उसके करीब 53.33 करोड़ ग्राहक थे, जिनमें 28.5 करोड़ 5G ग्राहक शामिल थे। जियो के आने के बाद सस्ते डेटा और फ्री वॉयस कॉलिंग ने मोबाइल इस्तेमाल का तरीका भी तेजी से बदला।
2016 में भारत में प्रति ग्राहक औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 GB से भी कम थी और एक GB डेटा की औसत कीमत करीब 228 रुपये थी। उस समय 4G की पहुंच भी सीमित थी और औसत डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps थी। करीब एक दशक बाद एक GB डेटा की औसत कीमत घटकर लगभग 7.9 रुपये रह गई है। 4G और 5G ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 93.8 करोड़ पहुंच चुकी है।
जियो के नेटवर्क पर भी डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। जून 2026 तक एक औसत जियो ग्राहक हर महीने करीब 43.7 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा था। यानी पिछले एक दशक में बदलाव केवल ग्राहकों की संख्या में नहीं आया, बल्कि मोबाइल इंटरनेट अब लोगों के रोजमर्रा के इस्तेमाल का अहम हिस्सा बन चुका है।




