रायवाला 7 अगस्त । कौटिल्य वाटिका वेडिंग प्वाइंट, प्रतीतनगर रायवाला में आयोजित श्रीशिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज, अध्यक्ष सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए शिवलिंग पर जलाभिषेक के आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल एवं भोले हैं। श्रद्धा और भक्ति से शिवलिंग पर अर्पित किया गया एक लोटा जल भी भक्त के जीवन के अनेक कष्टों को दूर करने वाला माना गया है। उन्होंने कहा कि जलाभिषेक मन, वचन और कर्म की पवित्रता का प्रतीक है तथा इससे व्यक्ति के भीतर शांति, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भावना से शीघ्र प्रसन्न होकर उन्हें सुख, समृद्धि, आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण में वर्णित है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक शिवलिंग का जलाभिषेक करता है, उसके पापों का क्षय होता है, परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है तथा जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं। सावन मास में जलाभिषेक का विशेष महत्व बताते हुए उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया।
कथा के दौरान भगवान शिव के भजनों एवं हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा पंडाल शिवमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया तथा विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।





