जल स्रोत संरक्षण में धरातलीय प्रभाव को प्राथमिकता दें: डीएम

Govind Pundir
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पूर्व कार्यों के प्रभाव का आकलन कर तैयार करें आगे की कार्ययोजना

टिहरी गढ़वाल 16 सितंबर। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक हुई। बैठक में जल स्रोत संरक्षण, भूजल संवर्धन, सोंग नदी पुनर्जीवन तथा ‘एक जनपद-एक नदी’ कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।
डीएम ने अधिकारियों को सारा के तहत पूर्व में किए गए कार्यों के धरातलीय प्रभाव का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जल स्रोतों के डिस्चार्ज, जल उपलब्धता और स्थानीय लाभ का भी आकलन किया जाए।
उन्होंने जलधाराओं, नौलों और वर्षा आधारित नदियों के संरक्षण कार्यों में गुणवत्ता व उपयोगिता पर जोर देते हुए पुनर्जीवित नौलों को जल संस्थान एवं जल निगम की पेयजल योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जल स्रोतों का वैज्ञानिक चिन्हीकरण, प्राथमिकता वाले सब-वाटरशेड क्षेत्रों में माइक्रोप्लान तथा जियोटैगिंग व डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में चेकडैम, कंटूर ट्रेंच, चाल-खाल, रिचार्ज पिट, क्रेट वायर, तालाब निर्माण और पौधरोपण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सीडीओ वरुणा अग्रवाल, डीएफओ नरेंद्रनगर डी. नायक, डीडी सारा डॉ. सिद्धार्थ शंकर श्रीवास्तव, डीडीओ मो. असलम, बीडीओ चंबा शाकिर हुसैन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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