पदयात्रा, श्रमदान और जनसंवाद से जगाई पर्यावरण चेतना; गणेश चौक पहुंचकर मेडिकल कॉलेज आंदोलन को दिया समर्थन
टिहरी गढ़वाल 8 अक्टूबर । गंगा की अविरलता और निर्मलता के साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का संदेश लेकर गंगोत्री से हरिद्वार के लिए निकली ‘अविरल गंगा यात्रा-2026’ बुधवार को नई टिहरी पहुंची। यात्रा में शामिल यात्रियों ने पदयात्रा, श्रमदान, गंगा आरती और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक किया। नई टिहरी में यात्रा ने टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर गणेश चौक पर चल रहे आंदोलन को भी समर्थन दिया।
यात्रा के छठे दिन यात्रियों ने कोटी कॉलोनी में गंगा आरती में भाग लिया और गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद नई टिहरी के विधि विहार क्षेत्र में श्रमदान कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इसके बाद यात्री जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय बौराड़ी पहुंचे, जहां ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ ध्वज वंदन कार्यक्रम हुआ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने ध्वजारोहण कर यात्रियों का स्वागत किया।
राकेश राणा ने कहा कि राजा भगीरथ ने जनकल्याण के लिए मां गंगा को धरती पर लाने का महान संकल्प लिया था। आज आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था, जीवन और सभ्यता की आधारशिला है। इसके संरक्षण के लिए सरकार के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ अली ने कहा कि गंगा के मार्ग में होटल, रिसॉर्ट और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अपशिष्ट कई स्थानों पर नदी को प्रदूषित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीवेज और अन्य ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने की जरूरत है। गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यात्रियों विजेंद्र मेव और अमिता विश्वकर्मा ने कहा कि अविरल गंगा यात्रा महज पदयात्रा नहीं, बल्कि जनभागीदारी के जरिए सामाजिक चेतना जगाने का अभियान है। यात्रा के दौरान विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रचनात्मक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को नदी एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। साथ ही किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, महिलाएं, साधु-संत और वंचित वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
बौराड़ी से यात्रियों ने नई टिहरी बाजार में पदयात्रा निकाली। गीतों, नारों और जनसंवाद के माध्यम से गंगा संरक्षण का संदेश देते हुए यात्रा गणेश चौक पहुंची। यहां पिछले कई सप्ताह से टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को यात्रियों ने समर्थन दिया। इसके बाद यात्रा जखणीधार की ओर रवाना हो गई।
यात्रा में राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के यात्री शामिल हैं। इनमें विजेंद्र मेव, अमिता विश्वकर्मा, अजब सिंह खीचड़, दिनेश गर्ग, अरविंद संधू, अशोक सिकरवार, लक्ष्मण हसदा, तारा जाधव, काशी राम, रणदीप सिंह खीचड़, जुगल हटीला, कुसागर गड़वासरा, रविशंकर और राजेंद्र आर्य शामिल रहे।
नई टिहरी पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा, पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ अली, पीसीसी सदस्य देवेंद्र नौटियाल, नगर पालिका सभासद नवीन सेमवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, शगुफ्ता प्रवीण, ज्येष्ठ प्रमुख अनीता पैन्यूली, बृहस्पति भट्ट, रोशन नौटियाल, वीरेंद्र दत्त सहित कांग्रेसजनों और स्थानीय नागरिकों ने यात्रियों का स्वागत किया।
यात्रा का संदेश स्पष्ट है कि गंगा संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
“गंगा को अविरल बहने दो,
गंगा को निर्मल रहने दो।”




