विधायक विक्रम सिंह नेगी बोले—सरकार मानवीय आधार पर तत्काल शुरू करे सेवा
टिहरी गढ़वाल । टिहरी झील क्षेत्र के महत्वपूर्ण टिपरी-मदननेगी रोपवे के पिछले एक माह से बंद होने से इसमें कार्यरत 14 कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सोमवार को रोपवे कर्मचारियों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से जनता दर्शन में मुलाकात कर रोपवे को तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि टिपरी-मदननेगी रोपवे क्षेत्र के लिए महज यातायात का साधन नहीं, बल्कि बांध प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोपवे में कार्यरत कर्मचारी पिछले 18-20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं और अधिकांश कर्मचारी बांध प्रभावित गांवों से जुड़े हैं। दीपावली के पर्व के बीच रोपवे बंद होने से 14 परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को मानवीय आधार पर रोपवे को तत्काल चालू करना चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पंवार ने कहा कि टिपरी-मदननेगी रोपवे पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ पर्यटक भी इसका उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी झील में पर्यटन विकास की बात करने वाली सरकार को रोपवे जैसी सुविधाओं को सुचारू रखना चाहिए। पंवार ने कहा कि टिहरी बांध निर्माण के लिए प्रभावित परिवारों ने अपनी जमीन और घर तक गंवाए हैं, ऐसे में उन्हीं परिवारों के लोगों की आजीविका का साधन बंद होना चिंता का विषय है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक न्यूनतम पारिश्रमिक पर रोपवे संचालन में सेवाएं देते हैं और उन्हें अन्य कोई भत्ता भी नहीं मिलता। पिछले एक माह से रोपवे बंद होने के कारण उनकी आय पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द रोपवे संचालन शुरू कराकर उनके परिवारों की आजीविका बचाने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला, जिला पंचायत सदस्य विजयपाल रावत, कनिष्ठ प्रमुख प्रतापनगर कीर्ति पंवार, दिनेश पंवार, पदम सिंह, प्रधान अनुराग भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम भंडारी, कुशाल सिंह, महिपाल सिंह, आनंद सिंह पंवार, शूरवीर सिंह पंवार, रणवीर सिंह चौहान, विनोद पुंडीर, अनिल, सुरेंद्र जोशी सहित रोपवे कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे।




