इस पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन में भगवान श्री लक्ष्मी नृसिंह की विशेष आराधना के साथ लक्ष्मी नृसिंह महायज्ञ संपन्न होगा। आयोजन का प्रमुख आकर्षण 51 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा भगवान श्री लक्ष्मी नृसिंह का विशेष पाठ होगा। इसके साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिनके पावन सान्निध्य में श्रद्धालुओं को आशीर्वचन एवं सत्संग का लाभ प्राप्त होगा।
दीपोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ-हवन, आध्यात्मिक प्रवचन और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं का संदेश प्रसारित किया जाएगा। आश्रम परिसर में पांचों दिन आध्यात्मिक वातावरण रहेगा तथा श्रद्धालु भगवान श्री लक्ष्मी नृसिंह के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे।
नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि दीपोत्सव केवल दीप प्रज्वलित करने का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, संस्कार, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाने का महापर्व है। भगवान श्री लक्ष्मी नृसिंह की कृपा से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और धर्मभावना का विस्तार हो, इसी मंगलकामना के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने समस्त धर्मप्रेमी जनता एवं श्रद्धालुओं से पांच दिवसीय दिव्य दीपोत्सव में सम्मिलित होकर संतों के आशीर्वचन, सत्संग और यज्ञ के पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया ।




