मेडिकल कॉलेज नई टिहरी में बनाने के लिए भूमि की उपलब्धता का होगा परीक्षण, पर्याप्त जमीन मिलने पर विधायक को कोई एतराज नहीं
टिहरी महोत्सव में स्थानीय कलाकारों और संस्कृति को मिलेगी प्राथमिकता: उपाध्याय
टिहरी गढ़वाल 4 नवम्बर। टिहरी रियासत की स्थापना और उसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महाराजा सुदर्शन शाह को उनकी ऐतिहासिक भूमिका के अनुरूप सम्मान दिलाने की पहल तेज हो गई है। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने नई टिहरी में महाराजा सुदर्शन शाह की प्रतिमा स्थापित करने और उनकी स्मृति में संग्रहालय बनाने की पैरवी की है।
बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में विधायक किशोर उपाध्याय ने बताया कि महाराजा सुदर्शन शाह को लगभग भुला दिया गया है, इसके पीछे चाहे कोई भी परिस्थिति रही हो वह नहीं जानते। उनके कार्यकाल से पहले आतताइयो ने जो आतंक मचा रखा था उस पर उन्होंने काबू किया, बच्चों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को समाप्त कराया आदि अनेक महत्वपूर्ण और जनहितकारी कार्य किए।
विधायक ने कहा कि महाराजा सुदर्शन शाह की स्मृति में उनके द्वारा पिछले कार्यकाल में ही नई टिहरी में मूर्ति लगाने और संग्रहालय निर्माण के लिए भूमि आरक्षित की जा चुकी है, इस दिशा में भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को पत्र भेजा है तथा जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल से भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने कहा कि टिहरी के इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महाराजा सुदर्शन शाह को उचित सम्मान देना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज बनाने पर भी सहमति
टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर विधायक ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता मेडिकल कॉलेज की स्थापना है। उन्होंने बताया कि नई टिहरी नगर में ही मेडिकल कॉलेज बनाने और वहां भूमि की उपलब्धता को लेकर नगर के संभ्रांत लोगों ने सुझाव दिया है। इस पर उन्होंने तत्काल स्थानीय पटवारी को संबंधित भूमि का मौका मुआयना कर उपलब्धता और उपयुक्तता की जानकारी जुटाने को कहा है। विधायक ने कहा कि यदि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो जाती है तो उन्हें यहां मेडिकल कॉलेज बनाने पर कोई एतराज नहीं है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय सुझावों और भूमि की वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिहरी महोत्सव में स्थानीय प्रतिभाओं को मिले प्राथमिकता
दिसंबर में प्रस्तावित टिहरी महोत्सव को लेकर विधायक ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि टिहरी की लोक संस्कृति, परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और प्रतिभाओं को पहचान दिलाना होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि महंगे बाहरी कलाकारों पर बड़ी धनराशि खर्च करने के बजाय स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को अधिक अवसर दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने से क्षेत्र के कलाकारों का उत्साह बढ़ेगा और महोत्सव को लेकर अनावश्यक विवादों की स्थिति भी नहीं बनेगी। महोत्सव के बजट और आयोजन को लेकर संस्कृति विभाग एवं राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रयास होना चाहिए कि आयोजन में टिहरी की सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को प्रमुखता मिले।
विधायक ने कहा कि टिहरी की ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण, मेडिकल कॉलेज की स्थापना और स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन देना क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। इन मुद्दों पर गंभीरता से काम किए जाने की आवश्यकता है।




