टिहरी गढ़वाल 4 नवम्बर । भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कांग्रेस की ‘धामी हटाओ, जमीन बचाओ’ यात्रा पर पलटवार करते हुए कहा कि उत्तराखंड की जमीन और मूल निवासियों के अधिकारों की चिंता करने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के भूमि आवंटन और अधिग्रहण से जुड़े विवादों का हिसाब देना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में उदय रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सख्त भू-कानून लागू कर कृषि भूमि के संरक्षण, अनियंत्रित जमीन खरीद-फरोख्त पर रोक और स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसी से कांग्रेस बौखलाई हुई है और राजनीतिक स्वार्थ के लिए यात्रा निकालकर जनता को भ्रमित कर रही है।
उन्होंने एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में देहरादून स्थित आईएमए के निकट शैक्षणिक संस्था के लिए आवंटित करीब 20 एकड़ भूमि से जुड़े विवाद का उल्लेख किया। साथ ही हरीश रावत सरकार के समय सामने आए एनएच-74 भूमि अधिग्रहण प्रकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कृषि भूमि को गैर-कृषि दर्शाकर मुआवजा बढ़ाने की कथित अनियमितताओं ने प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पंतनगर, सितारगंज और हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को जमीन बचाने की बात करने से पहले अपने शासनकाल के इन मामलों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। धामी सरकार प्रदेश की भूमि, संस्कृति, परंपराओं और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विजय कठैत, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र डोभाल, महामंत्री शांति प्रसाद खंडूड़ी और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मनीष राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




