देश-विदेश के 250 पर्यटन विशेषज्ञ और शोधार्थी होंगे शामिल, 200 से अधिक शोध पत्रों का होगा प्रस्तुतीकरण
नई टिहरी/ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में 3 एवं 4 नवंबर को जलवायु परिवर्तन और आपदा रोधी पर्यटन के लिए डिजिटल एजेंडा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। सेमिनार में देश-विदेश के करीब 250 पर्यटन विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और शोधार्थी प्रतिभाग करेंगे।

सेमिनार का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, जिलाधिकारी टिहरी श्रीमती नितिका खंडेलवाल, परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत तथा आईक्यूएसी निदेशक एवं सेमिनार संयोजक प्रो. जीके ढींगरा संयुक्त रूप से करेंगे।
सेमिनार के संयोजक प्रो. जीके ढींगरा ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में पर्यटन की संभावनाओं एवं विकास, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। दो दिनों के दौरान छह तकनीकी सत्र आयोजित होंगे, जिनमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने शोध निष्कर्षों एवं विचारों को साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते प्रभावों के बीच पर्यटन क्षेत्र को सुरक्षित, टिकाऊ और आपदा प्रतिरोधी बनाने में डिजिटल तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर विशेष चर्चा की जाएगी। साथ ही पर्यटन विकास की नई संभावनाओं और तकनीकी नवाचारों पर भी विचार-विमर्श होगा।
सेमिनार में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल, आईआईआईटीएम ग्वालियर के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार गौतम सहित प्रो. डीपी डोभाल, प्रो. आरके डोडी, प्रो. एनपीएस बिष्ट, प्रो. सुरेंद्र सिंह यादव, प्रो. रश्मि डोडी, प्रो. एचसी नैनवाल, प्रो. एलएन ठुकराल, प्रो. एनपी माहेश्वरी, प्रो. प्रशांत सिंह और डॉ. नरोत्तम शर्मा सहित अनेक विषय विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे।
यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों के बीच उत्तराखंड सहित पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित एवं टिकाऊ पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण शैक्षणिक विमर्श का मंच बनेगा।




