‎📝 सफलता की कहानी 📝

Govind Pundir
4 Min Read
खबर को सुनें

‎कभी 100 रुपये की बचत, आज हजारों का कारोबार—केला चिप्स ने बदली महिलाओं की राह
‎

गांव की महिलाओं ने मेहनत और ग्रामोत्थान-रीप के सहयोग से बनाया रोजगार का नया जरिया

टिहरी गढ़वाल 05 अक्टूबर, 2026। टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड के ग्राम चौकी की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर स्वरोजगार की नई राह तैयार की है। कभी छोटी-छोटी बचत तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज केले के चिप्स निर्माण से जुड़कर उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।


‎
‎माणिकनाथ स्वायत्त सहकारिता, के माध्यम से संचालित केला चिप्स निर्माण इकाई की शुरुआत 22 फरवरी 2026 को ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के सहयोग से की गई। करीब 10 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध कराई गई। इकाई में 6 से 7 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। प्रतिदिन 6 से 7 महिलाएं उत्पादन, पैकेजिंग और अन्य कार्यों में भाग लेती हैं।
‎
‎डीपीएम रीप बी.के. भट्ट ने बताया कि ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के वित्तीय सहयोग से स्थापित इस इकाई के माध्यम से महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर मिला है। फरवरी से सितंबर 2026 तक इकाई द्वारा कुल 1,45,700 रुपये का व्यवसाय किया गया और करीब 20,500 रुपये की शुद्ध बचत अर्जित की गई। उन्होंने बताया कि पहले समूह से जुड़ी महिलाएं करीब 100 रुपये मासिक तक की बचत करती थीं, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़कर अपनी आय और बचत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
‎
‎समूह मोबिलाइजर प्रीति बताती हैं कि इस पहल से करीब 400 से 500 महिलाएं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, गांव में ही रोजगार का अवसर मिलने से महिलाओं को काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्होंने ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के सहयोग और मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया।
‎
‎इकाई में चिप्स निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा केला और अन्य सामग्री स्थानीय स्तर पर महिलाओं से खरीदी जाती है। इससे उत्पादन इकाई के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं को भी आय का अवसर मिल रहा है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ महिलाएं उत्पादन और बिक्री को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
‎
‎समूह से जुड़ी राखी और प्रीति का कहना है कि ग्रामोत्थान-रीप परियोजना से मिली मशीन और सहयोग ने उन्हें केवल रोजगार का साधन ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का विश्वास भी दिया है। महिलाओं ने इस पहल के लिए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी सहयोग से उन्हें गांव में ही रोजगार का अवसर मिला है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला मिला है।
‎
‎केला चिप्स निर्माण की यह पहल बताती है कि स्थानीय संसाधनों, महिलाओं के सामूहिक प्रयास और उचित सहयोग से छोटे स्तर की बचत को भी स्वरोजगार के अवसर में बदला जा सकता है। आज ग्राम चौकी की महिलाएं अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के साथ स्थानीय स्तर पर एक उद्यम को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
‎
‎जिला सूचना अधिकारी
टिहरी गढ़वाल

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!