सत्य, जीवों पर दया और बड़ों की सेवा से मिलता है मां पराम्बा का आशीर्वाद: डॉ. दुर्गेश आचार्य

Govind Pundir
2 Min Read
खबर को सुनें

भागवत कथा में बालक उतथ्य और सत्यव्रत की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को दिया सत्य एवं करुणा का संदेश

चमोली । राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने देवी भागवत कथा के दौरान कहा कि मां पराम्बा का दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सत्य, करुणा और सदाचार को जीवन में अपनाना आवश्यक है। बच्चों को बचपन से ही सत्य बोलने, जीवों पर दया करने और वृद्धजनों की सेवा करने के संस्कार देने चाहिए। इन सद्गुणों से जीवन में सुख, शांति और खुशहाली आती है।
कथा प्रसंग में उन्होंने बालक उतथ्य की कथा सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार मां की शरण में जाकर सत्य बोलने का संकल्प लेने वाला बालक सत्यव्रत के नाम से विख्यात हुआ। एक निरीह पशु को बाण से घायल देखकर उसके मन में करुणा जागी और उसने पशु को मारने वाले के प्रति क्षोभ व्यक्त किया। महाराज ने बताया कि मां सरस्वती की कृपा से वाणी में सामर्थ्य आती है और भक्त को ज्ञान प्राप्त होता है।
डॉ. आचार्य ने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। सत्य बोलने, प्राणिमात्र के प्रति दया रखने तथा माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा करने से व्यक्ति का जीवन संस्कारित बनता है। ऐसे सद्गुणों को अपनाकर मनुष्य ईश्वर की कृपा का पात्र बन सकता है।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!