राहुल गांधी की भाषा पर स्वामी रसिक महाराज ने जताई आपत्ति बोले—राजनीतिक विरोध में संवैधानिक मर्यादाओं का रखें ध्यान

Govind Pundir
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रायवाला, 14 अक्टूबर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में कथित तौर पर की गई टिप्पणी पर पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कड़ी आपत्ति जताई है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों और संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर मर्यादाहीन भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। किसी को अपराधी घोषित करना और आरोप लगाना अलग-अलग बातें हैं। अपराध का निर्धारण कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होता है।
उन्होंने राहुल गांधी से अपने वक्तव्यों पर आत्ममंथन करने और आरोपों को तथ्यों व प्रमाणों के आधार पर रखने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपने शब्दों के प्रभाव को समझते हुए संयम, शालीनता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के मामले में सभी राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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