अनुपूरक बजट में मेडिकल कॉलेज के लिए वित्तीय प्रावधान न होना दुर्भाग्यपूर्ण : राकेश राणा
टिहरी गढ़वाल 30 अक्टूबर। टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना 75वें दिन और क्रमिक अनशन 59वें दिन भी जारी रहा। वहीं, जीतराम भट्ट का सत्याग्रह 91वें दिन में प्रवेश कर गया। मंगलवार को क्रमिक अनशन पर समाजसेवी कुशाल सिंह नेगी बैठे।
धरना स्थल पर राज्य आंदोलनकारी एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा तथा नागरिक मंच के संरक्षक सीपी डबराल ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र में प्रस्तुत अनुपूरक बजट में टिहरी मेडिकल कॉलेज के लिए वित्तीय स्वीकृति या टोकन मनी का प्रावधान नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल भवन निर्माण का विषय नहीं, बल्कि जनपद की स्वास्थ्य सुविधाओं, युवाओं के रोजगार और पलायन रोकने से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
उन्होंने स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय से इस मामले में जनता को स्पष्ट स्थिति बताने और सरकार से प्रभावी पैरवी कर मेडिकल कॉलेज के लिए बजट स्वीकृत कराने की मांग की।
91वें दिन सत्याग्रह पर बैठे जीतराम भट्ट ने कहा कि विधायक को मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित भूमि का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित कराने के साथ जिला चिकित्सालय बौराड़ी को मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के रूप में विकसित करने की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने विधायक निधि से कम से कम दो करोड़ रुपये जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं सुधारने पर खर्च करने की मांग की।
आंदोलनकारी देवेंद्र नौटियाल, लखबीर सिंह चौहान, गंगा भगत सिंह नेगी और छात्र नेता राहुल बुटोला ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मांग अब पूरे जनपद की जनभावना बन चुकी है। उन्होंने सरकार से भूमि हस्तांतरण और बजट का प्रावधान कर निर्माण कार्य की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
धरने में त्रिलोक चंद्र रमोला, भरत सिंह रावत, टीकम सिंह चौहान, भगवान चंद्र रमोला, भगवान सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद नौटियाल, महावीर प्रसाद उनियाल, सीपी डबराल, डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, डॉ. उमेद सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और आंदोलनकारी मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर लिखित और ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।




