टिहरी गढ़वाल । अष्टोत्तरशत श्रीमद्भागवत महापुराण के आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को चौहान वेडिंग प्वाइंट, नई टिहरी में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री खेम सिंह चौहान ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन पूर्व शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी की स्मृति में किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही उत्तराखंड के महान संतों की आध्यात्मिक विरासत और उनके योगदान को स्मरण करना है। यज्ञ की जोर शोर से तैयारी चल रही है।
समिति के संरक्षक एवं नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने बताया कि 10 से 17 नवंबर तक दुर्गा मंदिर नयी टिहरी में शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। इसमें 108 विद्वान पंडितों द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण का पाठ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की ओर से आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक पंडित राजेंद्र प्रसाद चमोली ने आयोजन की तैयारियों में सहयोग देने वाले स्थानीय व्यापारियों, कर्मचारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया का आभार जताया। उन्होंने जनपदवासियों से धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
चमोली ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना जागृत करना, उत्तराखंड के महान संतों और महापुरुषों की स्मृतियों को जीवंत रखना तथा हिंदू समाज में एकता और समरसता को मजबूत करना भी है। उन्होंने टिहरी जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग, गौ रक्षा और अन्य सामाजिक कार्यों को भी इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल बताया।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से शिव महापुराण यज्ञ में सहभागी बनकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस दौरान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य बीडी कुनियाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत, त्रिलोक चंद रमोला, सीता राम भट्ट, सत्येंद्र पुनेठा आदि मौजूद रहे।




