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दावा: युवक की छाती से निकाला 14 किलो का ट्यूमर, संभवतः दुनिया का पहला मामला

Govind Pundir
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नई दिल्ली। दिल्ली के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने 25 साल के युवक की छाती से लगभग 14 किलोग्राम का ट्यूमर निकालने में सफलता प्राप्त की। ट्यूमर ने युवक की छाती का 90 प्रतिशत हिस्सा घेर रखा था। अस्पताल का दावा है कि यह दुनिया का पहला मामला है कि छाती से इतना बड़ा ट्यूमर निकाला गया हो।

बताते चलें कि दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती 25 साल के युवक का डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसकी छाती से लगभग 14 किलोग्राम वजनी ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की है। ट्यूमर ने युवक की छाती में 90 फीसदी से अधिक जगह घेर रखी थी। जिसके चलते फेफड़ों की क्षमता भी 90 फीसदी घट चुकी थी। 

बता दें कि यह ट्यूमर फुटबॉल से भी बड़े आकार का था। इस मरीज की सर्जरी कर ट्यूमर निकालने वाले फोर्टिस अस्पताल का दावा है कि यह दुनिया में अभी तक छाती का सबसे बड़े आकार का ट्यूमर था। इससे पहले छाती में सबसे बड़े आकार का ट्यूमर गुजरात में एक मरीज के सीने से निकाला गया था जिसका वजन 9.5 किलोग्राम था।

बता दें कि दिल्ली निवासी एक 25 वर्षीय मरीज को बेहद गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। वह सांस नहीं ले पा रहे थे और उनके सीने में बेचैनी थी। पिछले 2-3 महीनों से तो वह सांस की तकलीफ के चलते बिस्तर पर सीधे लेटकर सो भी नहीं सकते थे। 

अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उनके सीने में एक बड़े आकार का ट्यूमर है जिसने छाती में करीब 90 फीसदी जगह घेरे रखी है।  ट्यूमर ने न सिर्फ हृदय को ढक रखा था बल्कि दोनों फेफड़ों को भी अपनी जगह से हिला दिया था। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर उद्गीथ धीर ने बताया कि इस दौरान मरीज की  छाती को दोनों तरफ से खोला गया। 

इसके लिए बीचों-बीच मौजूद छाती की मुख्य हड्डी (स्टर्नम) को काटना पड़ा था। इतने बड़े आकार के ट्यूमर को मिनीमल सर्जरी से हटाना नामुमकिन था और ऐसे में छाती को पूरा खोलने के सिवा कोई विकल्प नहीं था। 

डॉक्टर के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, मरीज के शरीर में पर्याप्त रक्त प्रवाह को बनाए रखना सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण था। इस प्रकार की सर्जरी में काफी सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि जरा भी चूक मरीज़ के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। 

यह काफी जोखिमपूर्ण सर्जरी थी और अनेक रक्त वाहिकाओं के चलते सर्जरी करना मुश्किल था। क्योंकि ट्यूमर को नियंत्रित करना तथा ट्यूमर कैप्सूल को संभालना भी जरूरी था। मरीज ने बताया कि सर्जरी से पहले इस ट्यूमर की वजह से उनका वजन 82 किलोग्राम हो गया था जो सर्जरी के बाद 69 किलो रह गया है। दावा किया गया है कि दुनिया का यह पहला मामला है कि छाती से इतना बड़ा टयूमर निकाला गया है।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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