ज्योर्तिलिंगों के महत्व के साथ शिव महापुराण कथा संपन्न

Garhninad Desk
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चंडीगढ़। सिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर के 43 वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर मलोया में चल रही शिव महापुराण कथा 12 ज्योर्तिलिंगों की कथा के साथ संपन्न हो गई। अंतिम दिन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने 12 ज्योर्तिलिंगों का महत्व बताया।
स्वामी रसिक महाराज ने प्रवचन करते हुए श्रद्धालुओं को 12 ज्योर्तिलिंगों की कथा सुनाई। कहा कि प्रथम ज्योर्तिलिंग सोमनाथ मंदिर में जो भी पूजा-अर्चना करता है, उसे कभी क्षय व कोढ़ रोग नहीं लगते। वहीं, ज्योर्तिलिंग मल्लिकार्जुन में भगवान शिव-पार्वती की ज्योति मौजूद है।

उन्होंने कहा कि ज्योर्तिलिंग केदारनाथ में जो भक्त पूजा-अर्चना कर वहां का जल पीता है, उसका पुनर्जन्म नहीं होता। इसी प्रकार ज्योर्तिलिंग महाकाल के जो भी श्रद्धालु दर्शन कर लेते हैं, उसे स्वप्न में भी कोई दुख नहीं होता।

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