15 जनवरी: टिहरी के लिए गर्व और आत्ममंथन का दिन

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल। 15 जनवरी, 1948 को टिहरी में नई शासन व्यवस्था का उदय हुआ, जो श्रीदेव सुमन जी के सपनों और सकलानी जी व भरदारी जी के बलिदानों का परिणाम था। इस दिन को टिहरी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।

विधायक किशोर उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि टिहरी के लोगों को यह सोचना होगा कि उस पीढ़ी के सपने कितने साकार हुए हैं। उन्होंने कहा, “राज्य के विभाजन से टिहरी का स्वरूप बदल गया है। उत्तरकाशी और जखोली जैसे क्षेत्र अलग हो गए हैं। यह विचार करना आवश्यक है कि वर्तमान में टिहरी की राजनैतिक और आर्थिक हिस्सेदारी क्या है।”

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए हमें कई सवालों के जवाब खोजने होंगे और टिहरी के समग्र विकास के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करना होगा।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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