केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रत्यक्ष करों में राहत

नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सरकार ने करदाताओं की सुविधा और जीवन जीने की सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रत्यक्ष करों में कई सुधार किए हैं।
वित्तमंत्री ने बताया कि अब मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा किसी साधारण व्यक्ति को दिए गए ब्याज पर आयकर नहीं लगेगा और इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा। इससे दुर्घटना पीड़ितों को पूरी राहत राशि मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसी तरह शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उदारीकृत धन प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत टीसीएस दर को भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा।
छोटे करदाताओं को राहत देते हुए वित्तमंत्री ने बताया कि अब कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे कर निर्धारण अधिकारी के पास आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी।
आयकर रिटर्न में संशोधन के लिए अब मामूली शुल्क के साथ 31 मार्च तक का समय मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 31 दिसंबर तक थी। इसके अलावा आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तथा गैर लेखा परीक्षा मामलों के लिए 31 अगस्त निर्धारित की गई है।
छोटे करदाताओं, छात्रों, युवा पेशेवरों और अनिवासी भारतीयों के लिए सरकार ने 6 माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया है, जिससे उन्हें दंड और अभियोजन से राहत मिल सकेगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से कर प्रणाली सरल होगी और करदाताओं को अनुपालन में आसानी मिलेगी।



