डिंडाली होमस्टे में सहकार भारती की जिला कार्यकारिणी का विस्तार, ‘बिना संस्कार नहीं सहकार’ का दिया संदेश

देहरादून। सहकार भारती की जिला देहरादून कार्यकारिणी के विस्तार को लेकर थानौ स्थित डिंडाली होमस्टे में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सहकार भारती उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष बिनोद कुमार गौड़ ने कहा कि संगठन की स्थापना वर्ष 1978 में गणेश चतुर्थी के दिन हुई थी और यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आनुषांगिक संगठन है।
उन्होंने संगठन के ध्येय वाक्य — “बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार” — को दोहराते हुए कहा कि सहकारिता ही समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है।
प्रदेश संगठन प्रमुख राजेश वर्मा ने कहा कि सहकार भारती के नैतिक मूल्य ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, सम्मान, आत्म-अनुशासन और सहयोग की भावना पर आधारित हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन मूल्यों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
प्रदेश सह प्रमुख मनीराम नौटियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में सहकारिता विभाग सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर कृषि एवं ग्रामीण विकास को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसान कल्याण, सामूहिक खेती और मोटरसाइकिल टैक्सी जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे युवाओं और किसानों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकार भारती देहरादून की जिला अध्यक्ष एवं प्रमुख महिला उद्यमी श्रीमती शशी रतूड़ी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उनका उद्यम “दीदी नमक वाली (पिस्सू लोण)” सहकार की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि सहकारिता के माध्यम से हर हाथ को काम और हर बहन को सम्मान मिले।
बैठक का संचालन नव-नियुक्त जिला महामंत्री रविन्द्र डोभाल ने किया।
प्रदेश नेतृत्व के अनुमोदन एवं स्वीकृति के उपरांत सहकार भारती देहरादून जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। इसमें श्रीमती शशी रतूड़ी को जिला अध्यक्ष, रविन्द्र डोभाल को जिला महामंत्री, विजय राम भट्ट को जिला संगठन प्रमुख, संदीप सती को जिला संगठन सह प्रमुख, गीतांजलि ढौंडियाल दत्ता को जिला महिला प्रमुख, महाबीर सिंह, नरेश बहुगुणा, सुनील सकलानी एवं श्रीमती सरस्वती बहुगुणा को जिला उपाध्यक्ष, करण सिंह, लक्ष्मण कुमार, श्रीमती सुनीता देवी एवं श्रीमती किरण राणा को जिला मंत्री तथा सुरेश प्रसाद सकलानी को जिला कोषाध्यक्ष नामित किया गया।
बैठक में संगठन को मजबूत करने और सहकारिता के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने का संकल्प लिया गया।



