उत्तराखंड: विष्णुगाड-पीपलकोटी एचईपी की 3.1 किमी लंबी टेल रेस टनल में सफल ब्रेकथ्रू: टीएचडीसीआईएल की तकनीकी क्षमता का प्रमाण

Govind Pundir
2 Min Read
खबर को सुनें

चमोली। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 444 मेगावाट विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) की 3.1 किमी लंबी टेल रेस टनल (टीआरटी) में सफल ब्रेकथ्रू हासिल कर लिया है। यह ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ परियोजना उत्तराखंड के चमोली जिले में विकसित हो रही है।टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग ने टीम वीपीएचईपी को बधाई देते हुए कहा कि यह मील का पत्थर संगठन की तकनीकी उत्कृष्टता, दृढ़ता और अटल प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कठिन पर्वतीय भूभाग में टीआरटी का सफल ब्रेकथ्रू टीएचडीसीआईएल की मजबूत परियोजना निष्पादन क्षमता को दर्शाता है तथा सतत जलविद्युत विकास के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। कमीशनिंग के बाद यह 444 मेगावाट परियोजना विश्वसनीय नवीकरणीय ऊर्जा प्रदान करेगी, जो भारत के दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु लक्ष्यों को मजबूत करेगी।9.2 मीटर व्यास वाली यह टेल रेस टनल परियोजना का महत्वपूर्ण भूमिगत हिस्सा है, जो पावरहाउस से जल को नदी में वापस ले जाती है। कुल 3.1 किमी में से 1 किमी पर ओवर-लाइनिंग कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जो अंतिम कमीशनिंग की ओर तेजी से प्रगति दर्शाता है।प्रोजेक्ट्स के कार्यकारी निदेशक श्री कुमार शार्द ने भी टीम को बधाई दी और बताया कि चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय स्थितियों के बावजूद उचित स्थिरीकरण उपायों के साथ खुदाई के दौरान सतत निगरानी एवं तकनीकी प्रयासों से अंतिम खंड सुरक्षित हो सका।इस अवसर पर वीपीएचईपी के प्रमुख श्री अजय वर्मा, जीएम (टीआरटी/पीएच/टीबीएम) श्री के.पी. सिंह, जीएम (ईएम) श्री आर.एस. राणा, एजीएम (पीएच) श्री एस.पी. डोभाल, एजीएम (एचएम/मैकेनिकल) श्री संजय ममगाईं, प्रोजेक्ट मैनेजर (एचसीसी) श्री विनोद कुमार सहित टीएचडीसीआईएल एवं संबद्ध एजेंसियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!