कर्तव्य बोध और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रशिक्षण दे रहे हैं एनएसएस शिविर : ‘निशांत’

टिहरी गढ़वाल 28 फरवरी। राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के पांचवें दिन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई टिहरी की इकाई के स्वयंसेवकों ने चवालखेत, बुढोगी तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। स्वयंसेवकों ने जल स्रोतों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया।
अपराह्न सत्र में नशा मुक्ति, समग्र स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा जैसे समसामयिक विषयों पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य वक्ता शिक्षाविद सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना जिम्मेदार एवं अनुशासित नागरिकों के निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के माध्यम से युवाओं में कर्तव्य बोध, आत्मनिरीक्षण की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए ‘निशांत’ ने कहा कि जहां पहले तंबाकू और शराब जैसे सीमित नशे प्रचलित थे, वहीं आज अनेक प्रकार के दृश्य और अदृश्य नशे युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में एनएसएस शिविरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर इन दुष्प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
स्वच्छता विषय पर उन्होंने कूड़ा निस्तारण एवं उसके वैज्ञानिक पृथक्करण (सेग्रीगेशन) को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जैविक और अजैविक अपशिष्ट, लोहे, कांच तथा चिकित्सकीय सामग्री आदि को अलग-अलग कर उचित स्थान पर निस्तारित किया जाना चाहिए। सामाजिक संगठन, नगर पालिका परिषद, महिला मंगल दल और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के कार्य समाज के लिए अनुकरणीय होते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बी.डी. कुनियाल ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि शिविर के दौरान प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सात दिवसीय शिविर में एनएसएस स्वयंसेवक पूर्व वर्षों की भांति उत्कृष्ट कार्य कर समाज में सकारात्मक संदेश देंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र सिंह मिश्रवाण, रमेश चंद्र रतूड़ी, आचार्य विजय, एस. कठैत सहित अन्य शिक्षकगण एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



