रिलायंस फाउंडेशन की पहल को IOC की सराहना, ओलंपिक मूल्यों से जुड़ रहे भारत के लाखों बच्चे

Govind Pundir
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• अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रकाशित लेख में भारत का उदाहरण प्रमुखता से शामिल
• 65 हजार से अधिक भारतीय स्कूलों में पहुंचा ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम
• आंगनवाड़ी नेटवर्क के जरिए महिलाओं की नेतृत्व भूमिका उभरकर सामने आई

नई दिल्ली, 7 मार्च, 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक विशेष लेख में दुनिया भर में महिलाओं द्वारा ओलंपिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया है। इस लेख में भारत में रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से चल रहे कार्यक्रम को प्रमुख उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

लेख के अनुसार ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम (OVEP) के माध्यम से भारत में खेल भावना, सम्मान, निष्पक्षता और टीमवर्क जैसे मूल्यों को बच्चों तक पहुंचाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024 से अब तक यह कार्यक्रम देश के 65 हजार से अधिक स्कूलों में करीब 1.2 करोड़ बच्चों तक पहुंच चुका है।

IOC और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल अब ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के समुदायों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों तक भी पहुंची है। देश के 120 आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं ने अब तक 1200 से अधिक OVEP सत्र आयोजित किए हैं। लेख में मध्य प्रदेश के एक आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ी छात्रा रूचि का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि खेल और मूल्यों पर आधारित गतिविधियां बच्चों, खासकर लड़कियों में आत्मविश्वास और सहभागिता को बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

भारत में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाने में नीता अंबानी की भूमिका भी उल्लेखनीय है। वह रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन होने के साथ-साथ इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी की सदस्या भी हैं और खेल तथा ओलंपिक मूल्यों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के प्रयासों से जुड़ी रही हैं।

IOC के इस लेख में भारत के अलावा सऊदी अरब, सेनेगल और इटली की पहलों का भी उल्लेख किया गया है, जहां महिलाओं की भागीदारी के जरिए ओलंपिक मूल्यों को शिक्षा और समुदाय से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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