उत्तराखंड बजट पर कांग्रेस का हमला, शान्ति प्रसाद भट्ट बोले— “युवाओं और पहाड़ की अनदेखी, घोषणाओं का पुलिंदा”

टिहरी गढ़वाल 10 मार्च। गैरसैंण में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत उत्तराखंड बजट पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट में केवल घोषणाओं का पुलिंदा पेश किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इन योजनाओं के लिए धन कहां से आएगा।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और वर्तमान में राज्य पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में जहां राज्य पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, वहीं अब यह बढ़कर एक लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि यह बजट “कर्ज लेकर घी पीने” जैसा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पांचवें बजट में भी युवाओं के लिए रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखाई देती। प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और लाखों शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे युवाओं में निराशा का माहौल है।
भट्ट ने पर्वतीय क्षेत्रों से बढ़ते पलायन को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि बजट में पलायन रोकने के लिए कोई ठोस नीति या प्रभावी कार्यक्रम नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि गांव लगातार खाली हो रहे हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में संवेदनशील नहीं दिख रही है।
उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को भी बजट में निराशाजनक बताया। भट्ट ने कहा कि टिहरी में मेडिकल कॉलेज को लेकर पिछले नौ वर्षों से भाजपा बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि नई टिहरी जिला मुख्यालय सहित पूरे जनपद की सड़कें खस्ताहाल हैं, लेकिन बजट में इनके सुधार के लिए कोई ठोस बजटीय प्रावधान नहीं किया गया है।
भट्ट ने यह भी कहा कि जाखणीधार और चंबा विकासखंड को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सरकार ने इन क्षेत्रों को “आध्यात्मिक क्षेत्र” घोषित करने जैसी बात कहकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि सरकार के पास प्रदेश के विकास के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। यह बजट “नई बोतल में पुरानी शराब” जैसा है, जिससे प्रदेश के किसान, युवा और आम जनता को कोई वास्तविक राहत मिलने वाली नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले समय में इस बजट की कई घोषणाएं भी पूर्व की तरह विलोपित होती नजर आएंगी।



